
पेट्रोकेमिकल प्लांट
सागर/बीना. केंद्र और राज्य सरकार ने सागर के बीना में पांच साल में पेट्रोकेमिकल प्लांट बनाने की आधारशिला रखी थी। बीपीसीएल द्वारा 49000 करोड़ रुपए का निवेश करते हुए पेट्रोकेमिकल प्लांट बनाया जाना है। इससे बुंदेलखंड समेत पूरे मप्र में करीब सवा दो लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पत्रिका ने केंद्र व राज्य सरकार के इसी वादे को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों की मदद से सरकार के 100 दिन के कामकाज का रोडमैप तैयार किया है। पत्रिका बता रहा है कि अगले 100 दिन में सरकार को प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण, निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया और बजट का प्रावधान करना होगा, तभी प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा होगा। राह आसान दिख रही लेकिन कठिन है।
यह प्रोजेक्ट को केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने ही स्वीकृति दी थी और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 सितंबर 2023 को इसकी आधारशिला रखी थी। यह प्रोजेक्ट डबल इंजन की सरकार की दम पर ही पूरा होगा। अच्छी बात यह है कि केंद्र और मप्र में एक ही पार्टी की सरकार है, फिर भी इसकी राह कठिन होगी, क्योंकि यह 49000 करोड़ का प्रोजेक्ट है।
जमीन अधिग्रहण- बीपीसीएल के पास वर्तमान में 2600 एकड़ जमीन है, जो पूर्व में ही सहयोगी यूनिट्स के लिए अधिग्रहण कर ली गई थी। प्रोजेक्ट के आखिर तक ग्रीन बेल्ट व अन्य कार्यों के लिए 300 से 400 एकड़ जमीन की जरुरत और पड़ सकती है, इसलिए इसका अधिग्रहण सबसे पहले किया जाना चाहिए।
टेंडर प्रक्रिया- पीएम द्वारा पेट्रोकेमिकल प्लांट की आधारशिला रखे जाने के बाद से यहां पर काम शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि रिफाइनरी के अंदर काम चल रहा है। कुछ टेंडर जारी भी हो चुके हैं और कुछ प्रक्रिया में हैं, जिनको समय पर जारी करना होगा।
बजट- पेट्रोकेमिकल प्लांट बीपीसीएल द्वारा 49000 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार होना है। इतनी बड़ी राशि का प्रबंध करने के लिए केंद्र सरकार को ही एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। पेट्रोकेमिकल प्लांट का काम न रुके, इसके लिए राज्य सरकार को भी मामले पर लगातार नजर रखनी होगी।वादे पूरे होने पर ये आएगा बदलाव
क्षमता बढ़ेगी- बीपीसीएल बीना रिफाइनरी की क्षमता वर्तमान में 7.8 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जो प्लांट तैयार होने के बाद बढ़कर 11 एमएमटीपीए हो जाएगी।
रोजगार- पेट्रोकेमिकल प्लांट के बनने से 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का दावा किया जा रहा है। प्लांट से मिलने वाले केमिकल से सहायक उद्योग लगेंगे, जिससे आसपास का क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।
पक्का माल होगा तैयार- प्लांट तैयार होने के बाद उद्योगों में प्लास्टिक, पेंट सहित कई प्रकार के स्पेशल केमिकल तैयार होंगे। कच्चा माल पेट्रोकेमिकल प्लांट से मिलने के कारण बीना सहित आसपास के क्षेत्र का विकास होगा।
Updated on:
06 Jul 2024 01:50 pm
Published on:
27 Jun 2024 06:55 pm
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