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सोशल मीडिया एप्स पर हो रही सट्टे की बुकिंग, पेटीएम पर हो रहा लेनदेन

पुलिस की पकड़ से दूर जिले में हर दिन 30 से 50 लाख रुपए तक पहुंचा ऑनलाइन सट्टा

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सागर

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Sanjay Sharma

Feb 03, 2020

सोशल मीडिया एप्स पर हो रही सट्टे की बुकिंग, पेटीएम पर हो रहा लेनदेन

सोशल मीडिया एप्स पर हो रही सट्टे की बुकिंग, पेटीएम पर हो रहा लेनदेन

सागर. जिले में सट्टे के कारोबार ने भी तकनीकी के पंख लगा लिए हैं। पुलिस की पकड़ से दूर ऑनलाइन सट्टा बुकिंग के लिए सटोरियों ने सोशल मीडिया एप्स जैसे वाट्स एप का सहारा लिया है। जिले में हर दिन सोशल साइट एप पर सट्टा बुकिंग का कारोबार 30 से 50 लाख रुपए तक पहुंच गया है। सट्टे के अंकों की बुकिंग एप पर होती है और राशि का भुगतान पेटीएम जैसे एप्स के जरिया हो रहा है। सटोरिए मोबाइल पर चैटिंग कर रहे हैं या सट्टा खेल रहे हैं पुलिस इसका पता तक नहीं लगा पाती है और सट्टा खिलाने वाले अंकों की ओपन-क्लोज बुकिंग करते रहते हैं।

बदल जाता है वाट्स एप नंबर -

जानकारी के अनुसार जिले में ऑन लाइन सट्टा खिलाने वाले सटोरिए पुलिस की पकड़ से बचने के लिए तकनीकी का सहारा लेकर फिलहाल फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। वाट्स एप नंबर कहीं मुखबिरी के जरिए पुलिस तक न पहुंच जाए इसलिए हर दिन या एक-दो दिन के अंतराल से बदल दिया जाता है। नंबर कब बदलेगा इसकी जानकारी केवल सट्टा खेलने यानि नंबर बुक कराने वालों को ही दी जाती है। शहर ही नहीं अंचल में भी सट्टे का यह तरीका नया और जोखिम रहित है।

-दूसरों के नाम पर ली सिम पर होती है बुकिंग -

सटोरिए ऑनलाइन सट्टा बुकिंग के इस तरीके में भी सावधानी बरत रहे हैं। वे सट्टा बुक करने के लिए जिस मोबाइल नंबर पर वाट्स एप का उपयोग करते हैं वो सिम किसी दूसरे व्यक्ति के नाम की होती है। यानि सट्टा बुकिंग की बात उजागर होने पर भी सटोरियों तक पुलिस सीधे नहीं पहुंच पाएगी और जिनके दस्तावेजों के आधार पर नंबर लिए जा रहे हैं वे फंस जाएंगे। पुराने सटोरियों की जानकारी व सक्रियता की हर खबर थाने और पुलिसकर्मियों को रहती है इसलिए अब वे तकनीकी का सहारा लेकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं।

हर दिन 50 लाख रुपए तक हो रही ऑनलाइन बुकिंग -

48 वार्डों वाले शहर में कुछ प्रमुख क्षेत्रों में सट्टे की गतिविधियां चर्चाओं में हैं। एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन शहर में 50 लाख रुपए तक का सट्टा लिखाया जा रहा है। जो कुछ खास दिनों में एक करोड़ तक भी पहुंच जाता है। लेकिन इनते बड़े स्तर पर हो रहे ऑनलाइन सट्टे के कारोबार पर तकनीकी के पर्दे के कारण पुलिस दबिश तक नहीं दे पा रही है। क्रिकेट का सट्टा भी शहर में ऑनलाइन हो गया है और इसे खेलने वालों की संख्या इतनी लंबी है कि क्रिकेट मैच के दौरान बुङ्क्षकग करोड़ रुपए से भी कहीं ऊपर निकल जाती है।

वर्जन :

ऑनलाइन सट्टा बुकिंग के जानकारी सामने आई है। बदमाश सोशल मीडिया एप के जरिए अब इस अवैध धंधे में उतरे हैं लेकिन पुलिस उनक पर नजर रखे हुए है। जल्द ही जिले में ऑनलाइन सटोरियों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।

विक्रम सिंह, एएसपी सागर