निश्चेतना विशेषज्ञ न होने से अस्पताल में करीब दो वर्षों से सीजर नहीं हो रहे हैं, बंद पड़े आपरेशन थिएटर में उपकरण खराब हो गए हैं और जगह-जगह से पानी टपक रहा है।
बीना. सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं की नब्ज टटोलने शुक्रवार को रीजनल ज्वाइन डायरेक्टर डॉ. ज्योति चौहान ने सीएमएचओ ममता तिमोरी के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। मुख्य रूप से उन्होंने लेबर रूम और ओटी (ऑपरेशन थिएटर) की व्यवस्थाएं देखीं।
लेबर रूम को फुल एसी करने, तो बंद पड़ी ओटी को जल्द चालू करने के निर्देश दिए हैं। रीजनल ज्वाइन डायरेक्टर दोपहर करीब डेढ़ बजे निरीक्षण करने अस्पताल पहुंची और आते ही उन्होंने लेबर रूम का निरीक्षण किया, जिसे संक्रमण मुक्त रखने एयर कंडीशन में तब्दील करने का आदेश दिया। इसके लिए खिड़कियां हटाकर कांच लगाने के आदेश दिए। इस दौरान उन्होंने कई अन्य बदलाव करने की बात कही। साथ ही उन्होंने हर माह होने वाले प्रसव के बारे में स्टाफ और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू कैथोरिया से बिंदुबार चर्चा की। इसके बाद वह तीन साल से बंद पड़ी ओटी में पहुंची,जहां अंदर की स्थिति देखकर वह हैरान हो गईं। ओटी की छत से पानी टपकने के साथ ही अन्य महत्वूर्ण उपकरण, औजार अस्त व्यस्त दिखे। उन्होंने एक माह के अंदर छत की मरम्मत कराकर आवश्यक उपकरण खरीदकर ओटी चालू करने का आदेश दिया। उन्होंने एनआरसी का निरीक्षण किया और निरीक्षण में मिली खामियों को दूर करने के लिए बीएमओ डॉ. अरविंद गौर को निर्देश दिए। निरीक्षण करने बाद उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ नर्सों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के निर्देश दिए है।
निश्चेतना विशेषज्ञ की हो चुकी नियुक्ति
सिविल अस्पताल में करीब तीन साल से निश्तेना विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है और इसके लिए 7 जुलाई को निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. अंशुल नेमा ज्वाइन कर चुके हैं, लेकिन ओटी बंद होने से उन्हें जिला चिकित्सालय अटैच कर दिया गया था। अगस्त में उन्हें सागर से रिलीव कर दिया गया है, बावजूद इसके उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया है और उनके आते ही ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे।
मीटिंग हाल में भरा था पानी
अस्पताल की व्यवस्थाओं का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस हाल में आरजेडी और सीएमएचओ बैठक ले रहीं थी, उसमें रखे वाटर कूलर से पानी बह रहा था, जो हाल में भर रहा था। कई महिनों से हाल में पानी भरने के बाद भी, इसमें सुधार नहीं किया गया। हाल में प्रवेश करते ही उनकी नजर इसपर पड़ते ही, उन्होंने तत्काल सुधार करने के आदेश दिए हैं।