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भागीरथ नर्सिंग होम व ऋचा डायग्नोस्टिक सेंटर के 3 डॉक्टर्स पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

प्रसूता के परिजनों को गलत जानकारी देकर अंधेरे में रखा और लूटते रहे रुपए सागर. मोतीनगर थाना पुलिस ने 9 माह पहले हुई 5 दिन की बच्ची की मौत के मामले में मकरोनिया के पद्माकर नगर स्थित भागीरथ नर्सिंग होम व ऋचा डायग्नोस्टिक सेंटर के 3 डॉक्टर्स के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज […]

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सागर

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Nitin Sadaphal

Sep 10, 2024

Narshing home

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प्रसूता के परिजनों को गलत जानकारी देकर अंधेरे में रखा और लूटते रहे रुपए

सागर. मोतीनगर थाना पुलिस ने 9 माह पहले हुई 5 दिन की बच्ची की मौत के मामले में मकरोनिया के पद्माकर नगर स्थित भागीरथ नर्सिंग होम व ऋचा डायग्नोस्टिक सेंटर के 3 डॉक्टर्स के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अपनी एफआइआर में स्पष्ट रूप से लिखा है कि नर्सिंग होम की डॉ. साधना मिश्रा व ऋचा डायग्नोस्टिक सेंटर की डॉ. रीता जैन और डॉ. राकेश जैन ने इस बात की जानकारी होते हुए कि गलत जांच रिपोर्ट व इलाज करने से किसी की मृत्यु हो सकती है, इसके बाद भी लापरवाही करते हुए गलत रिपोर्ट व इलाज किया, जिससे 5 दिन की बेबी उर्फ माही शर्मा की मौत हो गई।

सभी जांच बताते रहे सामान्य

पुलिस ने 9 दिसंबर 2023 को नरयावली नाका वार्ड स्थित सत्यनारायण मंदिर के पास रहने वाले 32 वर्षीय अभिमन्यु पुत्र मधुकर शर्मा की शिकायत पर उनकी 5 दिन की बेटी बेबी उर्फ माही शर्मा की मौत के बाद मर्ग कायम कर जांच में लिया था। मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों के बयान लिए। परिजनों ने बताया कि दिव्या शर्मा का इलाज मकरोनिया के पद्माकर नगर स्थित भागीरथ नर्सिंग होम में डॉ. साधना मिश्रा कर रहीं थीं। इलाज के दौरान उन्होंने जो टेस्ट व सोनोग्राफी बताई, वह सभी ऋचा डायग्नोस्टिक सेंटर पर डॉ. रीता जैन व डॉ. राकेश जैन के यहां से कराईं। डॉ. साधना मिश्रा ने सभी जांचों में बच्ची की स्थिति सामान्य बताई। डिलेवरी के पहले 8 सितंबर की सोनोग्राफी व 27 नवंबर को सोनोग्राफी (कलर डॉपलर यूएसजी) में 4 चेम्बर व सामान्य लेख किया गया।

बच्ची बीमार हुई तब सामने आई हकीकत

डॉ. साधना मिश्रा के भागीरथ नर्सिंग होम में 4 दिसंबर 23 को दिव्या शर्मा की डिलेवरी सामान्य रूप से हुई। परिजनों को बच्ची व मां दोनों के ठीक होने की जानकारी दी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत असाटी ने भी जांच कर बच्ची का ठीक होना बताया। तीन दिन अस्पताल में रखने के बाद 6 दिसंबर को बच्ची व मां को डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचने के एक दिन बाद ही 7 दिसंबर को बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए चैतन्य अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान ईको- कार्डियोग्राफी टेस्ट कराया गया, जिससे पता चला के बच्ची का हृदय पूर्ण रूप से विकसित नहीं था, दिल में तीन चेम्बर होना बताया। चैतन्य अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची माही उर्फ बेबी शर्मा की मौत हो गई।

अंधेरे में रखकर लूटते रहे डॉक्टर

परिवार ने अपने बयानों में बताया कि डॉ. साधना मिश्रा, डॉ. रीता जैन व डॉ. राकेश जैन ने अंधेरे में रखकर दिव्या शर्मा का इलाज किया। इन्होंने जांच की गलत रिपोर्ट दी और धोखे में रखकर इलाज कर रुपए लिए। शिकायतकर्ता ने पुलिस को ऋचा डायग्नोस्टिक व चैतन्य अस्पताल की रिपोर्ट उपलब्ध कराईं।

सरकारी डॉक्टर्स से भी कराई जांच

पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच डॉ. अजय यादव व डॉ. देवेश पटैरिया से कराई, जिसमें उन्होंने स्पष्ट लेख किया कि मृतका माही उर्फ बेबी शर्मा का दिल पूर्ण विकसित नहीं था व दिल में तीन चेम्बर थे। मेडिकल बोर्ड ने भी इस संबंध में जांच की और दिल में तीन चेम्बर होना लेख किया। सोनोग्राफीकर्ता डॉ. रीता जैन व डॉ. राकेश जैन से चूक होना संभव लेख किया। इसके बाद पुलिस ने जिला लोक अभियोजन अधिकारी से राय ली और भागीरथ नर्सिंग होम की डॉ. साधना मिश्रा व ऋचा डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. रीता जैन व डॉ. राकेश जैन के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है।