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क्रिसमस पर्व पर हिन्दू से ईसाई बने 250 लोगों की हुई घर वापसी

बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रामकथा में आरती कराकर बनाया सनातन धर्म का हिस्सा घर वापसी के दौरान दिलाई शपथ

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सागर

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Atul Sharma

Dec 25, 2022

क्रिसमस पर्व पर हिन्दू से ईसाई बने 250 लोगों की हुई घर वापसी,क्रिसमस पर्व पर हिन्दू से ईसाई बने 250 लोगों की हुई घर वापसी

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दमोह. क्रिसमस पर्व पर हिन्दू से ईसाई बने 250 लोगों की घर वापसी बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में कराई गई है। कृष्णा हाइटस में ईसाई बने लोगों को अपने हिन्दू धर्म में ससम्मान वापस कराया गया है। साथ ही श्रीराम कथा होमगार्ड ग्राउंड पर इन सभी से आरती कराकर घर वापसी कराई गई है। घर वापस लौटे 250 अहिरवार जाति के हैं, जिन्हें घर वापसी कराने में एडवोकेट संतोष संतू रोहित, डॉ. आलोक अहिरवार व आरएसएस के धर्म जागरण अध्यक्ष पं. दिनेश चौबे का विशेष योगदान रहा है। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समक्ष कुछ लोगों ने बताया कि वह लालच, बीमारी ठीक करने, संतान होने के छलावों में आकर ईसाई धर्म का पालन किया था।

संतों ने बचाया हिन्दुत्व

बागेश्वर पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने घर वापसी कर रहे 250 लोगों को आशीष वचन देते हुए कहा कि आप जिस जाति से हो, उस जाति के संतों ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए बड़ा योगदान दिया है। संत रैदास, रविदास, कबीर, महर्षि वाल्मीकि ऐसे संत हैं जो आपके कुल से हैं, यदि आप इन्हें ही पूजते रहते तो आपको दूसरे का धर्म नहीं सुहाता। आपके कुल के संत ने अपनी शरीर चीरकर अंदर जनेऊ दिखा दिया था। अब आपको डरने की जरुरत नहीं है। मुझे पता है कि कल कुछ लोग घर वापसी के लिए आ रहे थे तो उन पर हमला भी किया गया था, लेकिन हम सभी साथ है। उन्होंने संकल्प दिलाया कि हम शपथ लेते हैं हम अपना सनातन धर्म छोड़कर कोई दूसरा धर्म स्वीकार नहीं करेंगे।

श्रीराम कथा में जनसमूह को दी जानकारी

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने होमगार्ड ग्राउंड पर अपार जनसमूह के बीच यह जानकारी दी कि दमोह में पिछले दिनों से चल रहे धर्मांतरण मामले में 250 लोगों की सनातन धर्म में वापसी कराई है। यहां के लोगों ने जो पुण्यकार्य कराया है वह सराहनीय है। अब जिनका ख्याल राम रखेगा, उनका कौन बिगाड़ेगा काम। ईसाई धर्म छोड़ हिन्दू धर्म में घर वापसी कराने वालों को शाम की श्रीराम कथा में भगवान की आरती का मौका दिया गया। जिसका जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत करते हुए जयकारा लगाकर वापस सनातन धर्म में मिलाया गया।