
Deori Congress Minister Harsh Yadav tap water scheme incomplete
पानी ढोने में ही लोगों का बीत रहा दिन, देवरी से लगे रसेना, सिलारी, चीमाढाना, चिरचिटा, सुखजू समेत कई कई गांवों में लोग सालों से हैं परेशान
आशीष दुबे @ देवरी कला. नगर के करीबी ग्राम रसेना, सिलारी चीमाढाना, चिरचिटा, सुखजू पडरई बुजुर्ग, कासखेड़ा, बिजोरा, धुलतारा छिंदली पाठक, पिपरिया, पथरिया दुबे, रीछई, महाराजपुर, पनारी, खमरिया, बिछुआ, डोंगर सलैया समनापुर सेठ सिंगपुर गंजन पहला, जैतपुर, पिपरिया, खातोंला आदि पंचायतों में नल जल योजनाएं बंद हैं। रसेना में ग्रामीण दो-दो किमी दूर से खेतों में बने कछुआरों से पानी लाने मजबूर हैं। ग्रामीणों को प्रशासन की तरफ से पानी मुहैया कराने के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई और ग्रामीण पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। करीब १० साल पहले नल जल योजना का काम शुरू हुआ था जो अब तक हैंडओवर नहीं हो पाई है और कई जगह से पाइप चटख और टूट चुके हैं। रसेना कैबिनेट मंत्री हर्ष यादव का गृह ग्राम भी है। प्रेमदास (72) पिता राम दास बैरागी ने बताया कि उनके घर के सामने मीठा कुआं बना हुआ है जो पुश्तैनी हैं। लंबे समय तक रसेना एवम आसपास के गावों के लोग इसी कुएं से पीने का पानी भरते थे। अब इसका जलस्तर भी नीचे चला गया और मीठा कुआं भी जर्जर हालत में बना हुआ है।
सीमा पति संघम हरिजन ने बताया कि हाई स्कूल के सामने लगे नल पर बच्चों को लेकर पानी भरने आती हैं। परंतु 1 घंटे में एक कुप्पा पानी निकलता है। बच्चों के साथ चिलचिलाती धूप में बैठकर सीमा पीने के लिए पानी भरने फिर मजदूरी करने जाती है। राकेश पिता बाबू आदिवासी नरेंद्र पिता रमेश रजक ने बताया कि ग्राम रसेना में पीने के लिए पानी की किसी प्रकार व्यवस्था नहीं है ना ही पंचायत द्वारा कोई व्यवस्था की जाती है। कई बार तो कछुआरों के मालिक भी ग्रामीणों को पानी ले जाने से मना कर देते हैं क्योंकि वह बोलते हैं हमने कुआं सब्जी खींचने के लिए बनवाया है ना कि ग्रामीणों को पानी भरने। ग्रामीणों को बैलगाडिय़ों में टंकी रखकर मवेशियों को एवं स्वयं को पीने के लिए पानी लेने 1 किमी दूर जाना पड़ता है। पुष्पेंद्र पिता गोरी पटेल निवासी रसेना बैलगाड़ी पर टंकी रखकर दूर बने खेत में पानी के लिए जा रहे थे, उन्होंने बताया कि सारे नल, हैंडपंप सूखे पड़े हैं। सियारानी पति घनश्याम पटेल उम्र 50 वर्ष निवासी रसेना एवं उमापति अरविंद वैष्णव ने बताया पानी की कमी के चलते ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है और मवेशी भी प्यास के कारण मर रहे हैं।
धूप में पानी पहले फिर मजदूरी, बच्चे बेहाल
रसेना ग्राम में नल जल योजना पूर्ण रूप से बंद है रोजगार सहायक सोमनाथ कुर्मी ने बताया नल जल योजना ठेकेदार द्वारा पंचायत के लिए हैंड ओवर नहीं की गई है। जिसके कारण उसकी कोई जानकारी नहीं है और इसकी अनुमानित लागत 16 लाख रुपए है और रसेना ग्राम की जनसंख्या लगभग 3000 है और पूरे गांव में 8 हैंडपंप लगे हुए हैं जिसमें से तीन पूर्ण रूप से बंद है बाकी में जलस्तर बहुत कम है।
Published on:
11 Jun 2019 03:39 pm
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