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दानवीर के नाम से पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड के सपूत डॉ. गौर को मिले भारत रत्न

मुहिम को लेकर पूर्व छात्रों और युवाओं ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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Dr. Gaur, son of Bundelkhand, known as Danveer, received Bharat Ratna.

एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए

बीना. डॉ. हरिसिंह गौर को भारत रत्न दिलाने की मांग को लेकर युवाओं ने पूर्व छात्र व भाजपा युवा मोर्चा जिला मंत्री भूपेंद्र राय के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि दानवीर के नाम से पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड के सपूत डॉ. हरिसिंह गौर ने शिक्षा की अलख जगाने के लिए अपनी कमाई का आधे से अधिक हिस्सा दान कर दिया था। ब्रिटेन सरकार ने डॉ. गौर को सर की उपाधि से सम्मानित किया है और अब भारत सरकार को भी भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए। युवाओं ने जल्द से जल्द सम्मान देने की मांग की है। जिला मंत्री ने बताया कि विश्व में शिक्षा के लिए सबसे बड़ा दान देने वाले डॉ. गौर ने अपने जीवनभर की जमा पूंजी से सागर विवि की स्थापना की थी, जो मप्र का एक मात्र केन्द्रीय विवि है। उन्हें भारत रत्न दिलाने की मांग लंबे समय से आ रही है। रोशन रजक ने कहा कि डॉ. गौर को भारत रत्न प्रदान किया जाए, ताकि हमारे सागर जिले और विवि का देश-दुनिया में गौरव बढ़े। गौरव जैन ने बताया कि डॉ. हरिसिंह गौर ने विवि के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और अपनी पूरी जमा पूंजी से स्थापना की उनको भारत रत्न से अलंकृत किया जाना चाहिए। गोविंद कुशवाहा ने कहा कि डॉ. गौर को भारत रत्न देने की मांग सिर्फ स्थानीय पर नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से उठनी चाहिए।