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इलेक्ट्रॉनिक्स गोदाम में भड़की आग को जब दमकल न बुझा सकीं तो सेना ने संभाला मोर्चा

आधा दर्जन नगरीय निकायों के अग्निशमन दस्ते भी रहे नाकाफी, 50 से ज्यादा पुलिस व 25 से ज्यादा सेना के जवान रहे सक्रिय

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सागर

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Sanjay Sharma

Feb 17, 2019

दौड़ती रहीं दर्जन भर दमकलें -  इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण रेफ्रिजरेटर, एयरकंडीशनर, टीवी आदि के संपर्क में आने से आग कई गुना भड़क गई थी। गोदाम के तलघर में रखे गैस सिलेण्डरों ने भी इसे और बढ़ा दिया और लगातार धमाके होते रहे। आग को काबू करने में जब सागर ननि की चार दमकलें कम पडऩे लगी तब मकरोनिया नपा, कैंट बोर्ड के साथ ही बण्डा, खुरई के अलावा रेजीमेंट से भी दमकलों को बुलाया गया। भगवानगंज क्षेत्र शाम छह बजे से देर रात तक दमकलों और पुलिस के वाहनों के सायरनों से गूंजता रहा।  सेना ने संभाला मोर्चा -  नगर निगम व नगर पालिका की दमकल, पुलिस व स्थानीय लोग जब आग की भीषण लपटों को काबू करने में असफल रहे और प्रचंड लपटें उन्हें पीछे धकेलने लगी तब सेना को याद किया गया। सेना के करीब पच्चीस से ज्यादा जवान चंद मिनटों में ही मौके पर पहुंचे और जब आग बुझाने में जुटे तो कुछ ही देर में काफी हद तक आग की लपटों को शांत करने में कामयाब हो गए लेकिन प्लास्टिक-फाइबर और गैस-फोम के कारण आग की लपटें रह-रहकर फिर भड़कते हुए बढऩे लगी। उधर आग की लपटों को काबू करने में दमकलें पूरे समय राउंड लगाकर घूमती रहीं।

दौड़ती रहीं दर्जन भर दमकलें - इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण रेफ्रिजरेटर, एयरकंडीशनर, टीवी आदि के संपर्क में आने से आग कई गुना भड़क गई थी। गोदाम के तलघर में रखे गैस सिलेण्डरों ने भी इसे और बढ़ा दिया और लगातार धमाके होते रहे। आग को काबू करने में जब सागर ननि की चार दमकलें कम पडऩे लगी तब मकरोनिया नपा, कैंट बोर्ड के साथ ही बण्डा, खुरई के अलावा रेजीमेंट से भी दमकलों को बुलाया गया। भगवानगंज क्षेत्र शाम छह बजे से देर रात तक दमकलों और पुलिस के वाहनों के सायरनों से गूंजता रहा। सेना ने संभाला मोर्चा - नगर निगम व नगर पालिका की दमकल, पुलिस व स्थानीय लोग जब आग की भीषण लपटों को काबू करने में असफल रहे और प्रचंड लपटें उन्हें पीछे धकेलने लगी तब सेना को याद किया गया। सेना के करीब पच्चीस से ज्यादा जवान चंद मिनटों में ही मौके पर पहुंचे और जब आग बुझाने में जुटे तो कुछ ही देर में काफी हद तक आग की लपटों को शांत करने में कामयाब हो गए लेकिन प्लास्टिक-फाइबर और गैस-फोम के कारण आग की लपटें रह-रहकर फिर भड़कते हुए बढऩे लगी। उधर आग की लपटों को काबू करने में दमकलें पूरे समय राउंड लगाकर घूमती रहीं।

सागर. भगवानगंज क्षेत्र की रहवासी बस्ती में स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में रविवार शाम अचानक भड़की आग ने हाहाकार मचा दिया। आग की लपटों में आने के बाद जब रेफ्रिजरेटर-एयरकंडीशनर के कंप्रेशर फटे तो धमाके से इलाका गूंज उठा। खबर लगते ही गोदाम के मालिक और शहर के कई थानों से पहुंचे पुलिसबल ने दमकलों की मदद से आग को बुझाने की कोशिश की पर गोदाम बंद होने से इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में लगी आग लगातार भभकते हुए विकराल रूप लेती रही। जिसे बुझाने में एक के बाद एक दस से ज्यादा दमकल भी जब कामयाब नहीं रहीं तब सेना ने मोर्चा संभाला। गोदाम में रखे फोम और गैस सिलेण्डरों के फटने से आग और भड़क गई। स्थिति भयाभय होते देख बण्डा, मकरोनिया, खुरई और कैंट से भी दमकल मौके पर पहुंच गई। रहवासी क्षेत्र से सटे गोदाम की ऊंची लपटें और पीछे स्थित दूसरे गोदामों तक आग भड़कने की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बीना ऑइल रिफाइनरी और ढाना मिलिट्री स्टेशन से भी सेना और दमकलों की मदद बुलाई गई है। शॉर्ट सॢकट या अज्ञात वजह से भभकी आग की चपेट में आने से लाखों रुपए की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं पुलिस आग लगने की वजह की पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार गुजराती बाजार में इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी संतोष हरयानी का शोरूम प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स जबकि गोदाम भगवानगंज क्षेत्र में खुरई रोड पर है। रविवार को गोदाम बंद था। शाम करीब 6 बजे लोगों ने गोदाम के शटर से धुआं के गुबार और प्लास्टिक जलने की दुर्गंध आने पर गोदाम मालिक हरयानी और पुलिस को खबर दी। कैंट थाने से पुलिस दमकल को सूचना देकर मौके पर पहुंची तब तक गोदाम की शटर से काफी धुआं बाहर आ रहा था और लोगों की भीड़ के कारण जाम लग चुका था। पुलिसकर्मियों, गोदाम संचालक व अन्य लोगों ने दमकल की मदद से आग को काबू पाने की कोशिश शुरू की लेकिन पानी की बौछार पड़ते ही लपटें और भभक उठीं।

समय के साथ लगातार आग भड़कती जा रही थी और कुछ ही मिनटों में पूरा गोदाम उसकी जद में आ गया। किसी तरह शटर तोड़े गए तो अंदर भभकती लपटों को देख लोगों के कलेजे दहल गए। मौके पर पहुंचे एएसपी रामेश्वर ङ्क्षसह यादव, सीएसपी आरडी भारद्वाज व टीआइ कैंट नीलेश दोहरे, कोतवाली टीआइ राजेश बंजारे, टीआइ मोतीनगर विपिन ताम्रकार, सिविल लाइन टीआइ संगीता सिंह, टीआई गोपालगंज अभिषेक वर्मा पुलिस बल के साथ जुटे रहे पर लगातार तीन घंटे की मशक्कत व रात 9.30 बजे तक दस से ज्यादा दमकलों के खाली होने के बाद भी आग को नहीं बुझाया जा सका। आग की लपटों के तांडव की चपेट में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के गोदाम के पीछे स्थित दूसरे गोदाम व रहवासी बस्ती के आने की आशंका देख पुलिस ने बीना रिफाइनरी और ढाना मिलिट्री स्टेशन से भी दमकल और अग्निशमन दस्ते की मदद बुलाई।

दौड़ती रहीं दर्जन भर दमकलें -

इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण रेफ्रिजरेटर, एयरकंडीशनर, टीवी आदि के संपर्क में आने से आग कई गुना भड़क गई थी। गोदाम के तलघर में रखे गैस सिलेण्डरों ने भी इसे और बढ़ा दिया और लगातार धमाके होते रहे। आग को काबू करने में जब सागर ननि की चार दमकलें कम पडऩे लगी तब मकरोनिया नपा, कैंट बोर्ड के साथ ही बण्डा, खुरई के अलावा रेजीमेंट से भी दमकलों को बुलाया गया। भगवानगंज क्षेत्र शाम छह बजे से देर रात तक दमकलों और पुलिस के वाहनों के सायरनों से गूंजता रहा।

सेना ने संभाला मोर्चा -

नगर निगम व नगर पालिका की दमकल, पुलिस व स्थानीय लोग जब आग की भीषण लपटों को काबू करने में असफल रहे और प्रचंड लपटें उन्हें पीछे धकेलने लगी तब सेना को याद किया गया। सेना के करीब पच्चीस से ज्यादा जवान चंद मिनटों में ही मौके पर पहुंचे और जब आग बुझाने में जुटे तो कुछ ही देर में काफी हद तक आग की लपटों को शांत करने में कामयाब हो गए लेकिन प्लास्टिक-फाइबर और गैस-फोम के कारण आग की लपटें रह-रहकर फिर भड़कते हुए बढऩे लगी। उधर आग की लपटों को काबू करने में दमकलें पूरे समय राउंड लगाकर घूमती रहीं।