
MP Elections 2018 Sadar not developing cantonment People bothered
सागर. विधानसभा चुनाव के लिए सागर जिले में आईं ईवीएम व वीवीपेट मशीनों की एफएलसी (फस्र्ट लेवल चैंकिंग) का कार्य पूरा हो गया है। सागर जिले की आठों विधानसभाओं के लिए ढाई हजार से ज्यादा मशीने आई थीं। करीब एक माह चले एफएलसी में दो सौ से ज्यादा मशीनों में तकनीकी खामियां मिलने के बाद उन्हें वापस भेजा गया है। विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व में सागर जिले के लिए २७३० ईवीएम व वीवीपेट मशीने आई थीं। इन मशीनों को सागर-जबलपुर मार्ग स्थित शासकी इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलजे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया था। चुनाव आयोग के एजेंडा के अनुसार मशीनों की एफएसी के लिए बेंगलुरू से इंजीनियरों का दल आया था, इस दल के साथ स्थानीय अमला भी जांच में शामिल रहा। बताया जा रहा है कि फस्र्ट लेवल चैकिंग में २७३० मशीनों में से २०३ मशीनों में तकनीकी खामियां मिलीं है। यह एेसी गड़बडि़यां थीं जिन्हे यहां नहीं सुधारा जा सकता था। इन मशीनों को वापस भेजा गया है। बताया जा रहा है कि, इन मशीनों के फस्र्ट सेटप में गड़बड़ी थी।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पहले ही कह दिया है कि वह चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए कई प्रकार के प्रतिबंध लगाने की कोशिश की है और केंद्र से भी राय ली है ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो सकें। चुनाव आयोग ने वर्तमान में कालाधन का उपयोग चुनाव में रोकने, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और समय सीमा पर कड़ा रुख अपनाने की बात भी कही है। चुनाव आयोग ने अपारधियों को राजनीति से दूर रखने की भी बात कही है। यह भी कहा है कि इसमें सभी दल एक राय हों तो अच्छा है।
तकनीकी खामियों के कारण वापस भेजा
ईव्हीएम व वीवीपेट मशीनों की एफएलसी का कार्य पूर्ण हो चुका है। 203 मशीनों में तकनीकी खामियों की वजह से वापस भेजा गया है।
तन्वी हुड्डा, एडीएम व उप जिला निर्वाचन अधिकारी
Published on:
18 Sept 2018 05:16 pm

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