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वारदात के एक जैसे तरीके से पुलिस के हाथ आए राजघाट के चार लुटेरे

- जनवरी से मई के बीच राजघाट रोड पर दो और सानौधा क्षेत्र में की एक लूट- वारदातों में साथियों को बदलता रहा मास्टरमाइंड, पुलिस तलाश में जुटी

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Sanjay Sharma

May 26, 2023

सागर. राजघाट रोड पर जनवरी माह में माइक्रो फायनेंस कंपनी के कर्मचारी और मई माह में सानौधा के जटाशंकर व राजघाट रोड पर रमपुरा सलैया मार्ग पर दो महिलाओं से लूट और लूट का प्रयास करने के आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस लंबे समय से लुटेरों की तलाश में जुटी थी लेकिन पिछले दिनों दो अलग- अलग क्षेत्रों में एक ही तरीके से लूट की वारदात और कोशिश से बदमाश पुलिस की नजर में आ गए। पुलिस ने लूट की वारदातों में शामिल रहे चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है जबकि मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।

गोपालंज थाना क्षेत्र में जनवरी और मई माह में राजघाट रोड पर हुई लूट व लूट की कोशिश जबकि सानौधा क्षेत्र में महिला से लूट व चाकू से हमला करने की वारदातों को देखते हुए एसपी द्वारा बदमाशों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए एएसपी विक्रम ङ्क्षसह, सीएसपी केपी ङ्क्षसह के निर्देशन में गोपालगंज टीआइ राकेश शर्मा, सिविल लाइन थाना प्रभारी उमेश यादव, एएसआइ राजेश चौबे, प्रआ चित्तर, रमेश गुरु व अन्य के साथ ही साइबर सेल से प्रआ सौरभ रैकवार, अमर तिवारी को सक्रिय किया गया। बाइक सवार लुटेरों की जानकारी और उनकी हरकत पर कंट्रोल रूप से एसआइ आरकेएस चौहान अपनी टीम के साथ नजर रखे हुए थे।

एसपी अभिषेक तिवारी ने लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए बताया कि 19 जनवरी को माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारी जयदीप सेन के साथ राजघाट रोड पर बाइक सवार बदमाशों ने हमलाकर बैग में रखे 1.80 लाख रुपए लूट लिए थे। इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर पतारसी की लेकिन स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से बदमाशों को नहीं पकड़ा जा सका। इस बीच राजघाट रोड पर रमपुरा सलैया मार्ग से गुजरते समय बदमाशों ने बाईसा मुहल्ला में रहने वाली ज्योति पति विवेक तिवारी को रोककर लूट का प्रयास किया था। बदमाशों द्वारा चाकू से किए हमले में ज्योति तिवारी जख्मी हो गईं और तीनों बदमाश बाइक पर बैठकर भाग निकले। वारदात सामने आने पर पुलिस ने केस दर्ज कर पड़ताल शुरू की तो साइबर सेल, पुलिस के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और वारदात के एक जैसे तरीके से बदमाश नजर में आ गए। पुलिस ने जानकारी जुटाते हुए संदेह के आधार पर तिली क्षेत्र में रहने वाले अनुराग चौरसिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।- पकड़ में आते ही खुलती गईं लूट की वारदातों की परतें :

पुलिस गिरफ्त में आते ही अनुराग ने लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उसने घटना में अपने साथी हिमांशु रजक, लखन सेन के भी शामिल होने की जानकारी दी। उसनके 19 मई को सानौधा क्षेत्र में जटाशंकर के पास एक महिला को लूटने के बारे में भी बताया। इस वारदात में उसके साथ हिमांशु रजक व दिलीप बंसल शामिल था। पुलिस ने जब सुआतला में रहने वाले दिलीप बंसल को दबोचा तो उसने 19 जनवरी को राजघाट रोड पर अपने साथी हिमांशु रजक एवं कृष्ण कुमार अहिरवार के साथ फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी जयदीप सेन पर हमला कर 1.80 लाख रुपए लूटने के बारे में बताया। बदमाशों ने वारदात के बाद यह राशि आपस में बांट ली थी। यह जानकारी आने के बाद पुलिस ने अनुराग चौरसिया, लखन सेन, कृष्णकुमार अहिरवार, दिलीप बंसल को दबोच लिया। पुलिस अब सभी वारदातों में शामिल रहने और लूट की साजिश रचने वाले हिमांशु रजक की तलाश कर रही है।- एक जैसे तरीके से पकड़े गए बदमाश:

एसपी तिवारी ने बताया बदमाशों ने दो वारदातों को राजघाट रोड पर जबकि तीसरी वारदात को सानौधा क्षेत्र में अंजाम दिया था। तीनों की घटनाओं में बदमाशों का तरीका एक समान था जिसके चलते लूट की इन वारदातों में एक ही गिरोह के शामिल होने का संदेह था। पुलिस ने इसी को आधार बनाकर पड़ताल की तो एक- एक कर बदमाश पकड़ में आते गए और लूट की सभी वारदातों का खुलासा हो गया।