सागर

गूगल अर्थ बना बिजली कंपनी का सहयोगी, ऑनलाइन हुई बिजली लाइनें

बिजली कंपनी ने गूगल अर्थ पर प्लाट की 11केवी बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर, बिजली कंपनी के साथ उपभोक्ताओं को होगा लाभ।  

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Feb 09, 2019
Google Earth Electricity Company

मधुर तिवारी@सागर. बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को सुविधा देने और स्वयं के अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं को कम करने के लिए एक नया प्रयोग किया है। जिसमें अब शहर सहित अंचल में कहां और कितना लाइन विस्तार होना है। यह सब फील्ड पर जाने की जगह कार्यालय में बैठकर ही देखा जा सकेगा। कंपनी ने जिले की 11केवी बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर्स को गूगल अर्थ पर प्लाट कर दिया है। इसके लिए बिजली कंपनी के अधिकारियों के पास एक लॉगिन-पासवर्ड होगा, जिसकी सहायता से हफ्तों में होने वाला काम कुछ ही घंटे में पूरा कर लेंगे और इसमें गलती की भी कोई गुंजाइश नहीं होगी।

फील्ड पर जाने की नहीं होगी जरूरत
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी कॉलोनाइजर या किसी प्रोजेक्ट के तहत जब बिजली लाइनों का विस्तार का प्रस्ताव आता था तो उसका नक्शा तैयार करने में हफ्तों का समय लग जाता था। इसके बाद भी स्पष्ट स्थिति नहीं बन पाती थी। साथ ही अधिकारियों को फील्ड पर जाकर पूरा नक्शा तैयार करना होता था, कि कहां कौन सी लाइन है, कितना लोड है, दूसरी कौन सी लाइन विकल्प बन सकती है आदि, लेकिन अब न तो गलती की गुंजाइश होगी और न ही समय की बर्बादी। अधिकारी गूगल अर्थ पर लोकेशन देखकर ही लाइन विस्तार का नक्शा तैयार कर लेगा। इससे बिजली कंपनी के अधिकारियों का काम तो सुलभ होगा ही साथ ही लाइन विस्तार का प्रस्ताव देने वाले संबंधित व्यक्ति को भी हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा।

खराबी और बोल्टेज की भी मिलेगी जानकारी
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि गूगल पर लाइन और ट्रांसफार्मर प्लाट करने के बाद से अब कार्यालय में ही लाइन में आई खराबी देखी जा सकेगी। इससे घंटों में होने वाला काम मिनटों में सिमट जाएगी। इसके अलावा कहां किस डीटीआर में बोल्टेज की समस्या है यह जानकारी भी ऑनलाइन होगी। जबकि अभी तक खराबी आने पर पूरी लाइन में सर्चिंग करनी होती थी।

प्लानिंग के उद्देश्य से की तैयारी
लाइन विस्तार में प्लानिंग के उद्देश्य से कंपनी ने यह कदम उठाया है। कहां, कैसे और कितनी लाइन का विस्तार होना है। कहां से कर सकते हैं यह सभी जानकारी गूगल अर्थ पर ही नजर आ जाएगी।
जीडी त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता, सागर

Published on:
09 Feb 2019 08:01 am
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