
Micro Planning Officer as Field Expert for Agricultural Extension
सागर. विभागीय योजनाओं में अपेक्षा के अनुरूप प्रगति बेहद कम है, इस मामले में संभाग के दो जिले टीकमगढ़ व दमोह पिछड़े हैं। इस बात को लेकर कमिश्नर मनोहर दुबे ने उक्त दोनों जिलों के कृषि विभाग के उप संचालकों के को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारी अगले 15 दिन में अपने कार्य प्रदर्शन में सुधार लाएं। वह मंगलवार को एपीसी मीटिंग से संबंधित विभागों की समीक्षा कर रहे थे, उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति व बीज निगम के अधिकारियों की बैठक ली। दुबे ने कृषि और इससे जुड़े अन्य सभी विभागों के अधिकारियों को खरीफ-2018 में फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्यानिकी विभाग अपनी विभागीय योजनाओ ंके अलावा बायोगैस संयंत्र निर्माण, कृषि व सिंचाई यंत्र प्रदाय आदि कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराए, ताकि किसान इनका लाभ उठाने
प्रेरित हो सकें।
५ साल की कार्ययोजना बनाएं
कमिश्नर ने कहा कि अधिकारी कृषि विस्तार के लिये फील्ड एक्सपर्ट के रूप में माइक्रो प्लानिंग करें। किसानों की आय को दुगुना करने के लिए ठोस व कारगर रणनीति बनाएं, साथ ही अगले 5 सालों की विभागीय कार्ययोजना भी तैयार करें। जिले की जरूरतों के मुताबिक एक फोकस्ड डिजाइन तैयार करें, एग्रो फॉरेस्ट्री में भी संभावनाएं तलाशें। मप्र राज्य बीज एवं फॉर्म विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देशित किया कि वे निगम के माध्यम से प्रमाणित बीज का उत्पादन बढ़ाएं।
10 साल का विजन तैयार करेें
उद्यानिकी विभाग अगले 10 साल में संभाग क्षेत्र में की जाने वाली उद्यानिकी गतिविधियों का विजन तैयार करें। जिलों की एग्रो-क्लाइमेटिक एवं मार्केटिंग कंडीशन्स के मुताबिक जिले में उद्यानिकी विस्तार के लिए क्या होना चाहिए, इस तथ्य पर काम करें। सेवाओं में मूल्य संवर्धन करके उद्यानिकी विस्तार की दिशा में दूसरों के लिए नजीर बने। किसानों को संरक्षित खेती (पॉली हाउस) व शेडनेट क्रॉपिंग के लिए प्रेरित करें।
Published on:
13 Jun 2018 04:04 pm
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