
70 percent of Khataara school buses will go away from the district roa
सागर. जिले में दौड़ रही 15 साल से ज्यादा पुरानी कबाड़ हो चुकी ७० फीसदी स्कूल बस मार्च के बाद सड़कों से दूर कर दी जाएंगी। परिवहन विभाग मार्च के बाद एेसी बसों को परमिट जारी नहीं करेगा। ऑपरेटर्स को नए परमिट हासिल करने इन बसों के चेसिस नंबर सरेंडर करने होंगे। कबाड़ स्कूल बसों को बाहर करने इनदिनों परिवहन विभाग के क्षेत्रीय ऑफिस में बसों की सूची तैयार हो रही है।
इंदौर में स्कूल बस के हादसे के बाद परिवहन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने स्कूलों में संचालित होने वाली 15 साल से ज्यादा पुरानी खटारा बसों की सूची बनाना शुरू कर दी है। जिले में करीब 250 स्कूल बसें संचालित हैं, जिनमें से मार्च के बाद 70 फीसदी यानी 180 से ज्यादा बसें नियम के आधार पर आउट डेटेड घोषित कर दी जाएंगी। इंदौर हादसे के बाद सवाल उठने पर अब परिवहन विभाग ने इनके परिवहन को असुरिक्षत मानते हुए उन्हें सड़क से बाहर करने की तैयारी कर लिए है। जल्द ही इस संबंध में विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया जाना है। फिलहाल बीच सत्र में स्कूल बसों को बंद करने से बच्चों की पढ़ाई पर पढऩे वाले असर को देखते हुए इन्हें १ अप्रैल से बंद करने की तैयारी है।
पंजीयन हो जाएगा निरस्त, परमिट भी नहीं
परिवहन विभाग स्कूल संचालकों से पत्र व्यवहार करने की तैयारी कर रहा है। मार्च के बाद कबाड़ बसों पर प्रतिबंध लगाने के लिए एेसी बसों का पंजीयन, परिवहन विभाग के कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से निरस्त कर दिए जाएंगे। उन बसों को नया परमिट भी नहीं मिलेगा बस ऑपरेटर्स जिनके चेसिस नंबर जमा नहीं करेंगे। रोक लगने के बाद भी ऑपरेटर्स द्वारा बसों का उपयोग करते मिलने पर बसों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने तैयारी करते हुए स्कूल बसों की फिटनेस और परमिट बनाने बंद कर दिए हैं। अब नए सिरे से वेरिफिकेशन कर मार्च के बाद ही नए परमिट-फिटनेस जारी किए जाने की तैयारी है।
परिवहन विभाग से नोटिफिकेशन का इंतजार है। जिले में चल रही स्कूल बसों को चिन्हित कर उनकी लिस्टिंग की जा रही है। नए फिटनेस-परमिट भी जारी नहीं किए जा रहे हैं।
प्रदीप कुमार शर्मा, आरटीओ
Published on:
30 Jan 2018 03:58 pm
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