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नीलगाय का शिकार करने वाले आरोपी को नहीं मिली जमानत

नीलगाय का शिकार करने वाले आरोपी को नहीं मिली जमानत

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Nilgai victim not found bail The court

Nilgai victim not found bail The court

दो साल से था फरार
सागर. दो साल से फरार चल रहे नीलगाय का शिकार कर मांस बेचने वाले आरोपी की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शरद जोशी के फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि भोपाल निवासी आरोपी इसी मामले में दो साल से फरार चल रहा था। उसने यह याचिका अपने तीन अन्य साथियों के जमानत मिलने के आधार पर लगाई थी। विशेष लोक अभियोजक वन विभाग ब्रजेश दीक्षित ने बताया कि राहतगढ़ वन परिक्षेत्र में नीलगाय का शिकार व मांस बेचने के मामले में दो साल से भोपाल के जुमेराती निवासी फैसल पुत्र फसल उर्फ नसरत खान ने कोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया था। आरोपी ने प्रकरण के मुख्य आरोपी सैयद वद्दू हसन अन्य आरोपी अजब सिंह यादव और अरविंद यादव को जमानत का लाभ दिए जाने के आधार पर उसे भी जमानत दिए जाने की मांग की। आवेदन में यह भी कहा कि अपराध से उसका कोई संबंध नहीं है। रंजिशवश उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। परिवार में उसकी पत्नी व वृद्ध माता-पिता हैं। इनकी देखरेख करने के लिए कोई नहीं है। उसके पास से किसी भी तरह की कोई सामग्री जब्त नहीं की गई है। अभियोजन ने मामले में आरोपी के दो साल से फरार होने का तर्क दिया। साथ ही अपराध को गंभीर प्रकृति का बताते हुए जमानत देने पर उसके फरार होने की आशंका जताई। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में वन्य प्राणियों के संबंध में दिन-प्रतिदिन अपराधों की घटना बढ़ रही है। इस वजह से आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया। आरोपी को 9 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।