
Satya Sai Seva Sangathan organized Bhajan Training Camp sagar
सागर. हरि भजन बिना सुख शांति नहीं, हरि नाम बिना आनंद नहीं भजन को गाते हुए सत्य साई संगठन की ट्रस्टी मीना पिंपलापुरे ने कहा कि जब हम भजन करेगे तभी प्रभु से आत्म निवेदन कर सकते हैं। इसलिए बार-बार भजन करने की जरूरत है। सत्य साई संगठन द्वारा रविवार को आयोजित राज्य स्तरीय भजन प्रशिक्षण में सागर, दमोह, बीना, खुऱई, बांदकपुर, गढ़ाकोटा और देवरी आदि के भजन गायकों ने और बेहतर भजन गाने का प्रशिक्षण लिया।
सत्य साई सेवा संगठन द्वारा यह शिविर सिविल लाइन स्थित साई निलयम में आयोजित किया गया था। दीप प्रज्वलन के बाद जिलाध्यक्ष राकेश कुर्मी और संयोजक अनिरुद्ध पिंपलापुरे ने अपने उद्वोधन में बाल विकास कक्षाओं में हो रही बढ़ोतरी पर प्रकाश डाला। साथ ही नई कक्षाएं शुरू करने पर बल दिया।
भजन प्रशिक्षक इंदौर से कपिल खंडेलवाल और भोपाल से सोपान अंबासेलकर ने प्रशिक्षण में बताया कि भजन में भाव राग और ताल जरूरी है। जब भजन गाने का अभ्यास करें तो वह भाव हमारे मन में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन की कोशिश है कि सत्य साई बाबा के 100 जन्म दिन पर याने 23 नवंबर 2026 तक मप्र के एक लाख घरों में पारिवारिक भजन शुरू हो जाएं। इसका दिन और समय एक ही रहे। यह भजन प्रशिक्षण इसी कड़ी के तहत है जिसके द्वारा आप अब अपने शहर और गांव में जाकर इसका प्रशिक्षण दे सकते हैं। इस दौरान जय जय जय जय गणपति देवा, पवन सुत हनुमान की जय, साई कन्हैया-साई कन्हैया समेत 54 भजनों की बारीकियों को बताया गया। इस दौरान बीके गुरु, करुणा गुरु, प्रेम चतुर्वेदी, श्रीराम दुबे, संजीव सुहाने, डॉ हेमलता रिछारिया, सरमन यादव, प्रीतेश सक्सेना, तपस्या केवट, अंकिता चौरसिया आदि उपस्थित थे।
Published on:
21 Apr 2019 03:08 pm
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