
Seeing the destruction, tears came out of the eyes, people's household drowned due to the encroachment of the drain, there is no flour left in the houses to eat.
बीना. ग्राम बरमाइन में गांव से निकला एक नाला ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना है। बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात से शुरू हुई तेज बारिश से दो दर्जन घरों में पानी भरने से गृहस्थी के सामान सहित सोयाबीन, उड़द, गेहूं, मसूर की उपज खराब हो गई। घरों में करीब चार घंटे तक तीन-तीन फीट पानी भरा रहा, जिससे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। रतजगा कर लोग घरों से पानी निकालने में लगे रहे। गांव के पास से निकले नाले पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, बारिश होने पर नाला उफान पर आ जाता और आसपास के मकानों पर पानी भरता है। गुरुवार की सुबह भी ऐसी ही स्थिति बनी। देर रात से शुरू हुई बारिश के बाद सुबह करीब ४ बजे घरों में पानी भर गया और कहीं तीन-तीन फीट तक पानी भरा रहा। लोग गृहस्थी का सामान बचाने के लिए घंटों मशक्कत करते रहे, फिर भी सामान नहीं बचा पाए और लोगों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द से जल्द नाले का अतिक्रमण हटाने की मांग की है। गांव के अरविंद कुर्मी ने बताया कि 8 क्विंटल सोयाबीन का बीज, दो क्विंटल उड़द, खाद रखा हुआ था, जो पानी भरने से खराब हो गया है। सोयाबीन का बीज 8400 रुपए क्विंटल खरीदा था। एक लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसी तरह सुरेश पटेल के मकान में पानी भरने से सोयाबीन का चार क्विंटल बीज, जो 9 हजार रुपए क्विंटल खरीदा था। उड़द और गेहूं भी खराब हो गया है, जिससे हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। इमरत पटेल, रामप्रसाद पटेल, मुन्ना पति गुल्ले पटेल, रूपनारायण चौबे, श्यामलाल कुर्मी, पन्नालाल कुर्मी, बद्री कुर्मी, ब्रजभान सहित अन्य ग्रामीणों का बोवनी के लिए रखा बीज सहित गृहस्थी का सामान खराब हुआ है। कुछ सामान पानी में भी बह गया। टंकी और बोरियों में रखा आटा भी पानी भरने से खराब हो गया है।
घर हो गया क्षतिग्रस्त
नाले से थोड़ी दूरी पर बना शांतिबाई सेन का कच्चा घर क्षतिग्रस्त हो गया है और अब उन्हें रहने के लिए भी जगह नहीं बची है। कभी भी मकान ढह सकता है। साथ ही घर में रखा सोयाबीन, मसूर खराब हो गया। उषा चौबे ने बताया कि घर में पानी भरने से आटा सहित किचन का अन्य सामान खराब हो गया है। खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है। गृहस्थी बर्बाद देख उनकी आंखों में आंसू आ गए।
दोपहर तक खाना तो दूर, चाय भी नहीं हुई नसीब
पानी के कारण आटा, दाल सहित अन्य सामान खराब हो गया है और घरों में चूल्हा जलाने के लिए भी जगह नहीं बची है, जिससे दोपहर तक प्रभावित ग्रामीण खाना, तो दूर चाय भी नहीं बना सके। शाम तक व्यवस्था बनाने के लिए घरों में चूल्हे जल सके।
जल्द नहीं बनाई व्यवस्था, तो करेंगे आंदोलन
लोगों के घरों में पानी भरने की सूचना मिलने पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि इंदर सिंह मौके पर पहुंचे और नुकसान को देखा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पानी निकासी नहीं बनाई गई और मुआवजा नहीं दिया, तो तहसील परिसर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने जिला पंचायत सीइओ से भी चर्चा कर व्यवस्था बनाने के लिए कहा है। इस दौरान सरपंच माया अहिरवार भी मौजूद थीं।
सरपंच, सचिव को दिए हैं निर्देश
तत्काल व्यवस्था बनाने के लिए सरपंच, सचिव से कहा गया है। साथ ही एसडीएम द्वारा आज इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा। नाला पर अतिक्रमण होने से यह स्थिति बनी है। नाले में पत्थर और कचरा भी भरा है। नाले को गहरा और चौड़ा कराने कितना खर्च आएगा इसका भी प्रस्ताव पंचायत से मांगा गया है। जिन लोगों का नुकसान हुआ है, वहां पटवारी से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने पर नियमानुसार राहत राशि दी जाएगी।
हेमराज मेहर, नायब तहसीलदार
Published on:
29 Jun 2023 11:15 pm
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