
Seven people fell ill after eating water chestnut flour dishes in Fala
बीना. शास्त्री वार्ड में बुधवार की रात सिंघाड़े के आटा बने व्यंजन खाने पर दो परिवारों के करीब आठ सदस्य बीमार हो गए, जिन्हें फूड पॉइजनिंग के लक्षण थे। हालत बिगडऩे पर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बुधवार की रात करीब १२ बजे शास्त्री वार्ड निवासी शालू पिता रमाकांत बिलगैंया (30), शिवांगी पिता रमाकांत बिलगैंया (३१), मीना पति रमांकांत बिलगैंया (५२), प्रीति पति स्वदेश रिछारिया (४३), सीमा पति धर्मेश रिछारिया (४२), आयुष पिता स्वदेश रिछारिया (१४), काव्य पिता स्वदेश रिछारिया (१0) को उल्टियां शुरू हो गईं और चक्कर आने लगे, जिसपर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज किया गया। सुबह एक निजी अस्पताल में भी सभी ने इलाज कराया। स्वदेश रिछारिया ने बताया कि स्टेशन रोड स्थित डब्बू किराना से दिव्य ज्योति कंपनी का सिंघाड़ा आटा लेकर आए थे और उसके व्यंजन बनाकर जितने लोगों ने खाए थे, वह बीमार पड़ गए थे, जिससे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है।
२०० रुपए किलो सिंघाड़े और आटा के दाम कम
बाजार में सूखे सिंघाड़ा २०० रुपए किलो मिल रहे हैं और आटा १५० से २०० रुपए किलो में मिल रहा है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आटा कितना शुद्ध होगा। आटे के नाम पर मिलावटी सामग्री बेची जा रही है। खाद्य विभाग द्वारा भी मिलावट खोरों पर लगातार कार्रवाई न किए जाने पर उनके हौसले बुलंद हैं।
१६ मार्च डली निर्माण तिथि
सिंघाड़े के आटा पर निर्माण तिथि १६ मार्च २३ डली है, जिससे आशंका जताई जा रही कि पैकेट पर निर्माण तिथि मिटाकर बदली गई है और एक्सपायर आटा के व्यंजन खाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। यह आटा शहर में कई दुकानों पर बेचा जा रहा है, जिससे अन्य लोग भी बीमार पड़ सकते हैं।
सैम्पल की कराई जाएगी जांच
एसडीएम के निर्देश पर सागर से आए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमिरेष दुबे ने किराना दुकान पहुंचकर दिव्य ज्योति कंपनी के सिंघाड़ा आटे के सैम्पल लिए। उन्होंने बताया कि दुकानदार द्वारा साहिल ट्रेडर्स से आटा खरीदने की बात की जा रही है, लेकिन खरीदी बिल नहीं मिला है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आटा में कोई असुरक्षित चीज निकलती है, तो क्रमिनल केस चलेगा और क्वालिटी कम होने पर पांच लाख तक का जुर्माना लगेगा। कार्रवाई कंपनी और विक्रेता दोनों पर होगी। इस कंपनी के आटा को बेचने के लिए मना किया गया है।
फूड पॉइजनिंग के थे लक्षण
बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल अस्पताल में भर्ती हुए चार लोगों को फूड पॉइजनिंग के लक्षण थे। दूषित सामग्री खाने से इस तरह की स्थिति बनती है। इलाज के बाद सभी स्वस्थ हैं।
Published on:
23 Mar 2023 10:26 pm

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