सागर

गौरैया हमारे जीवन का अहम हिस्सा है और वे प्रकृति के अद्भुत उपहार हैं

गौरैया दिविस पर हुए आयोजन, वितरित किए नि:शुल्क सकोरे, जिससे गर्मी के मौसम में मिल सके पानी

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Mar 21, 2025
पानी के लिए सकोरा टांगते हुए

बीना. गौरैया दिवस पर गुरुवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें विद्यार्थियों को जागरूक किया गया और गर्मी में पानी की व्यवस्था करने के लिए नि:शुल्क सकोरे भी वितरित किए गए।
डीएवी बीआर स्कूल में विश्व गौरैया दिवस धूमधाम से मनाया गया। प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्रा ने कहा कि गौरैया हमारे जीवन का अहम हिस्सा है और वे प्रकृति के अद्भुत उपहार है, लेकिन अब गौरैया की संख्या घटती जा रही है और इनके संरक्षण की आवश्यकता है। गौरैया को पानी, खाना और आश्रय प्रदान करना चाहिए, ताकि वे हमारे पर्यावरण का हिस्सा बने रहें। गौरैया के लिए पानी से भरे हुए सकोरा भी रखे गए। प्रधानाचार्य ने सभी से अपील की है कि वे जानवरों और पक्षियों का सम्मान करें, उन्हें जीवन के साथी के रूप में देखें। शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया और सभी ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में गौरैया सहित सभी पक्षियों और जानवरों के संरक्षण में अपना योगदान देंगे।

700 सकोरे किए गए वितरित
नगर रत्न अंलकरण समिति ने विश्व गौरैया दिवस पर 700 नि:शुल्क सकोरे वितरित किए। समिति संरक्षक सुजीत क्लाडियस ने बताया कि दस वर्षों से भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने नि:शुल्क सकोरे वितरित किए जा रहे हैं। इस वर्ष भी 1000 सकोरे बांटने का लक्ष्य है। अध्यक्ष राम शर्मा ने बताया कि समिति सामाजिक और परोपकारी कार्य वर्ष भर करती है। सीताराम चौरसिया ने कहा कि गर्मी में संस्था नि:शुल्क प्याऊ भी संचालित करेगी। इस अवसर पर उमेश शर्मा, किरण गांंधी, ममता रजक, महेशदत्त तिवारी, सीताराम चौरसिया, सुजीत क्लाडियस, राम शर्मा, मूलचंद सेन, प्रहलाद नामदेव, आरएस अवस्थी, देवेन्द्रनाथ तिवारी आदि उपस्थित थे।

Published on:
21 Mar 2025 12:05 pm
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