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ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध, औषधि विक्रेता संघ की हड़ताल आज

शहर की सिर्फ 4 दुकानों पर मिलेंगी दवाएं, शहर में करीब सवा तीन सौ दवा दुकानें हैं। वहीं जिले भर के 700 से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे।

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Khandwa Online

Oct 14, 2015

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(फोटो कैप्शन:यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।)

सागर.दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में बुधवार को पूरे जिले की दवा दुकानें बंद रहेंगी। जेनरिक दवाओं से लेकर आयुर्वेदिक दवाओं की दुकानें बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। छोटे मर्ज से लेकर गंभीर बीमारियों के हजारों मरीज हैं। कई मरीज एेसे हैं, जो एक दिन भी दवाओं के बगैर नहीं रह सकते। एेसी स्थिति में मरीजों की जान सांसत में पड़ सकती है।

शहर में 325 दुकानें
शहर में करीब सवा तीन सौ दवा दुकानें हैं। वहीं जिले भर के 700 से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। दवा दुकान संचालकों के मुताबिक एक कांउटर से प्रतिदिन कम से कम पांच हजार रुपए की दवाओं की बिक्री होती हैं।

रोज तीन करोड़ की दवा खरीदते हैं मरीज
जिले भर के मरीज एक दिन में करीब तीन करोड़ रुपए की दवाएं अलग-अलग दवा दुकानों से खरीदते हैं। जिला औषधि संघ के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि दवा कारोबार का एक दिन का टर्नओवर करीब तीन करोड़ के आसपास है। यह हड़ताल देश व्यापी है। जिसकी घोषणा ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट ने की है। संघ के सचिव अशोक जैन ने बताया कि संघ ने दो नंबर जारी किए हैं, जिन पर मरीजों के परिजन संपर्क कर दवा प्राप्त कर सकते हैं।

आईएमए का समर्थन
संघ के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि पदाधिकारी मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से मिले। एसोसिएशन ने उनकी हड़ताल का समर्थन किया है। हालांकि आईएकए के आदेश नहीं मिलने से डॉक्टरों ने अस्पतालों को बंद रखने से इनकार किया है।

यहां से खरीदें दवा
जिला अस्पताल का मेडिकल स्टोर
खुरई मार्ग स्थित भाग्योदय अस्पताल का मेडिकल स्टोर
तिली रोड स्थित चैतन्य अस्पताल का मेडिकल स्टोर
लक्ष्मीपुरा स्थित खेमचंद अस्पताल का मेडिकल स्टोर

यहां करें संपर्क
लैंड लाइन - 07582-260479
मोबाइल - 9425425499

ये हैं मांगे
ड्रग एंड केमिस्ट एेक्ट 1940 व रूल्स 1945 के प्रावधान में इंटरनेट फार्मेसी द्वारा दवा की बिक्री अवैध है।
निम्न क्वालिटी की दवाओं की बिक्री बढ़ेगी।
दवाओं का अनावश्यक उपयोग बढ़ेगा।
युवाओं को ड्रग एडिक्शन का खतरा बढ़ेगा। केमिस्टों व कर्मचारियों पर ऑनलाइन बिक्री के कारण आर्थिक संकट।
ग्रामीण क्षेत्र में दवा की उपलब्धता प्रभावित। सुनिश्चित व्यवस्था के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग।

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यदि एक दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार हमारी मांगे नहीं पूरी करती है, तो एआईसीसीडी व मप्र केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन जो निर्णय लेगा उसी आधार पर आगे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
अशोक चौधरी, अध्यक्ष, जिला औषधि विक्रेता संघ

औषधि संघ की मांगे जायज हैं, लेकिन मेडिकल एेसासिएशन अस्पताल बंद नहीं कर रहा है।
प्रोमेश जैन, सचिव, आईएमए

औषधि दवा दुकान संचालकों की हड़ताल को देखते हुए चार अस्पतालों के मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। मरीज इन अस्पतालों से दवा ले सकते हैं। जिला औषधी संघ ने भी जरूरतमंदो को दवा उपलब्ध कराने के लिए फोन नंबर दिए हैं।

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डॉ.आईएस ठाकुर, प्रभारी सीएमएचओ

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