
वीडियो Viral होने के बाद सुर्खियों में आईं थी प्रीति मैथिल,अब सागर कलेक्टर
सागर. विधानसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से चर्चा में आईं रीवा कलेक्टर प्रीति मैथिल को सागर कलेक्टर पदस्थ किया गया है। प्रीति 2009 बैच की अफसर हैं। इनके पति तरुण नायक आईपीएस अफसर हैं और सीधी जिले के एसपी हैं। कलेक्टर आलोक कुमार सिंह को उप सचिव मंत्रालय में पदस्थ किया गया है। इसी तरह दमोह कलेक्टर डॉ. विजय कुमार जे को उप सचिव मंत्रालय भेजा गया है। उनके स्थान पर नीरज कुमार सिंह अपर आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर को दमोह का नया कलेक्टर पदस्थ किया गया है।
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यह चुनाव मेरे लिए मामूली है, मैं अपनी 25 साल की साख खराब नहीं करूंगी...
प्रीति मैथिल का जन्म सीहोर जिले के एक साधारण परिवार में हुआ था। पिता संतोष मैथिल और माता राधा मैथिल हैं। प्रीति की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्टेशन रोड स्थित शारदा विद्या मंदिर में हुई। यहीं से हायर सेकंडरी की। उन्होंने अपनी शिक्षा और संघर्ष के बल पर यह मुकाम हासिल कर अपने जिले का नाम रोशन किया। पिता शुगर मिल में काम करते थे, जो कि प्रीति के एग्जाम में चयनित होने से पहले ही बंद हो गई थी। इसके बावजूद उनके पिता ने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया।
2009 की यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने ९२वीं रैंक हासिल की थी। कलेक्टर के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग मंडला जिले में हुई थी। इससे पहले वे नीमच में अपर कलेक्टर थीं। मंडला के बाद उन्हें जून 2017 में रीवा पदस्थ किया गया था। अब सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।
... तो गोली मार देना
ईवीएम के पास कोई आए तो मार दो गोली विधानसभा चुनाव के दौरान रीवा कलेक्टर प्रीति मैथिल उस समय चर्चा में आईं जब सुरक्षाकर्मियों को आदेश देने वाला उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वे कहती नजर आईं कि ईवीएम के पास भी कोई आए तो उसे गोली मार देना। उन्होंने आगे कहा था कि यह चुनाव मेरे लिए मामूली है। इस फिजूल के लिए मैं अपनी 25 साल की साख खराब नहीं करूंगी। मुझे आगे प्रिंसिपल और चीफ सेक्रेटरी बनना है।
पति आईपीएस अफसर
प्रीति की शादी 31 जनवरी 2013 को सतना निवासी डॉ. अरुण नायक के बेटे तरुण नायक से हुई थी। यह इत्तेफाक है कि 2009 में ही तरुण की चयन आईपीएस के लिए हुआ था। वे सीधी जिले के एसपी हैं। पिता अरुण ने भी अपने जीवनकाल में गरीबी से संघर्ष किया।
डेढ़ साल रहा सिंह का कार्यकाल
आलोक कुमार सिंह सागर कलेक्टर से पहले क्षेत्रीय प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम इंदौर पदस्थ थे। जून 17में उन्हें सागर कलेक्टर पदस्थ किया गया था। तत्कालीन कलेक्टर विकास नरवाल को एमडी नागरिक आपूर्ति निगम बनाया गया था। कलेक्टर सिंह का हटना तय माना जा रहा था। इसकी वजह मतदान के 48 घंटे बाद खुरई विधानसभा से रिजर्व ईवीएम मशीन पहुंचना रहीं। मामले को लेकर कांग्रेस ने खूब बवाल मचाया था। निर्वाचन आयोग से भोपाल, दिल्ली तक शिकायत की थी।
Published on:
21 Dec 2018 01:25 pm

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