
Uttam Kshama Message: इन उत्तम क्षमा संदेश को भेजकर मनाएं क्षमावाणी पर्व
सागर. जैन धर्म के विशेष पर्व पर्यूषण पर्व का समापन 13 सितंबर को होने जा रहा है। पर्यूषण पर्व के समापन पर जगह-जगह क्षमावाणी पर्व के आयोजन किए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तम क्षमा कहते हुए लोग एक-दूसरे से क्षमा याचना करेंगे। क्षमावाणी पर कौन से उत्तम क्षमा मैसेज्स आप अपनों को भेज सकते हैं, नीचे पढ़ सकते हैं।
क्षमावाणी पर्व पर जैन अनुयायी व अन्य धर्म लोग एक-दूसरे से क्षमा याचना कर सभी बुराईयों, मनमुटाव और झगड़ों को दूर करने का प्रयास करेंगे। क्षमावाणी की विशेषता है कि इस दिन दुश्मन भी गले मिलकर एक हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी क्षमावाणी और उत्तम क्षमा के मैसेज जमकर शेयर किए जाते है। इस बार कुछ नए उत्तम क्षमा मैसेज अलग-अलग पवित्र पुस्तकों से लेकर आपके लिए लिए गए हैं। जिसे आप शेयर कर उत्तम क्षमा कर सकते हैं।
क्यों है क्षमा करने की जरूरत, पढ़ें गौतम स्वामी की यह लघु कथा
गौतम स्वामी के जीवन काल की एक घटना है। बताते है कि एक बार गौतम स्वामी विहार करते हुए किसी छोटे से गांव में पहुंचे। शाम के समय जब धर्मसभा समाप्त हुई उस समय एक व्यक्ति उत्तेजना में दौड़ता हुआ आया और गौतम स्वामी के शरीर पर थूक कर चला गया। गौतम स्वामी ने सहजता से अपनी चादर को उठाया और समता भाव से पोंछ लिया। यह देखकर सारे शिष्य नाराज हो जाते है। उनके प्रमुख शिष्य ने कहा कि तथागत यह तो हद हो गई। क्षमा का अर्थ यह तो नहीं हम अकारण अपमान बर्दाश्त करें। इस तरह चुप्पी साध लेने से तो अपराधी के अपराधों को प्रोत्साहन मिलता रहेगा। आपको तो उसे उचित दंड देना चाहिए। गौतम स्वामी ने मुस्कराते हुए कहा- उत्तेजित मत बनो, क्षमा को धारण करो। आपने पूर्व जन्म में कभी उस व्यक्ति को दुख दिया होगा या अपमानित किया होगा तो अच्छा अच्छा हुआ कि आज उसका निबटारा हो गया। मैने क्षमा भाव रखकर अपने कर्मों को तोड़ा है और तुम गुस्से मैं कर्मों को बांध रहे हो।
उत्तम क्षमा वाट्स एप्प मैसेज
यह जिंदगी का प्रवास है, कम समय में जीने का प्रयास है
लेने जेसी चीज है, तो प्रेम की मिठास है...
और छोडऩे जैसी चीज है, तो मन की कड़वास है....
उत्तम क्षमा
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न किसी को गम का संसार दो, न किसी को छल कपट का उपहार दो।
नर से महावीर बनना हो तो, हर एक को आत्मीयता का व्यवहार दो।
भला हुआ हो चाहे बुरा उसे भुला दीजिए। भीतर के जीवन पुष्प को खिला लीजिए। प्यार से पड़ी हो चाहे खार से पड़ी हो, जो गांठे पड़ी हैं उसे खोल लीजिए।।।
उत्तम क्षमा
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भूल हो जाना मानव मात्र का स्वभाव है, लेकिन क्षमा करना देवीय स्वभाव है। हमारा अहंकार हमें क्षमा मांगने से रोकता है और तिरस्कार क्षमा देने में बाधक बनता है। क्षमावाणी के इस पर्व पर अहंकार और तिरस्कार को त्याग करते हुए मैं क्षमा याचना करता हूं।
उत्तम क्षमा
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क्षमा मांगना और दिल से क्षमा करना ही सच्ची क्षमा है। सिर्फ दूर-दूर के रिश्तों में हल्की सी जान पहचान में या जिनसे मधुर संबंध हो उनसे क्षमा की लेन देन कर हम स्वयं को धोखा देते है। क्षमा से कमालो गंवाए हुए को, क्षमा से हंसा लो रुलाए हुए को।
उत्तम क्षमा
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सबसे उत्तम बदला क्षमा करना है- उत्तम क्षमा
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दान को सर्वश्रेष्ठ बनाना हे तो क्षमादान करना चाहिए। उत्तम क्षमा
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क्षमा में जो महत्ता है, जो औदार्य है, वह क्रोध और प्रतिकार में कहां। प्रतिहिंसा हिंसा पर ही आघात कर सकती है, उदारता पर नहीं। उत्तम क्षमा
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संसार में ऐसे अपराध कम ही है जिन्हें हम चाहे और क्षमा न कर सकें। उत्तम क्षमा
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क्षमा मनुष्य का सर्वश्रेष्ठ और सर्वोच्च गुण है, क्षमा दंड देने के समान है। उत्तम क्षमा
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क्षमा धर्म है, क्षमा यज्ञ है, क्षमा वेद है और क्षमा शास्त्र है। जो इस प्रकार जानता है, वह सब कुछ क्षमा-क्षमा करने योग्य हो जाता है। उत्तम क्षमा
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संसार में मानव के लिए क्षमा एक अलंकार है। उत्तम क्षमा
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क्षमा तेजस्वी पुरुषों का तेज है, क्षमा तपस्वियों का ब्रह्म है, क्षमा सत्यवादी पुरुष्पों का सत्य है, क्षमा यज्ञ है और क्षमा मनाविग्रह है। उत्तम क्षमा
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क्षमा कर देना दुश्मन पर विजय पा लेना है। उत्तम क्षमा
Updated on:
13 Sept 2019 11:59 am
Published on:
11 Sept 2019 06:05 pm
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