जो रास्ता सदियों से खुला था वह आदर्श गांव घोषित होने के बाद बंद हो गया। इस रास्ते से थरपहाड़, यादव बस्ती, पालदेव हरिजन बस्ती सहित 8 मजरों का आवागमन है। जहां के रहवासी परेशान है। स्कूल का उन्नयन तो हायर सेकेंडरी में कर दिया पर, नए भवन में शिफ्ट होने के बाद बंद है। बच्चे खेतों की मेढ़ से गुजरकर स्कूल पहुंचते है।