सवाईमाधोपुर. राइट-टू हेल्थ बिल के विरोध में आंदोलन कर रहे निजी चिकित्सकों का कार्य बहिष्कार व हड़ताल जारी है। निजी चिकित्सकों की मांगों के समर्थन में जिले में सेवारत चिकित्सक भी आगे आ रहे है। उधर, करीब 14 दिन से निजी अस्पतालों के चिकित्सक राइट-टू हेल्थ बिल के विरोध सरकार के खिलाफ रोष जता रहे है। ऐसे में चिकित्सक भी राइट-टू-हेल्थ बिल को वापस लेने पर अड़े है।
12 दिन में निजी अस्पतालों को लगा पांच करोड़ का फटका
इण्डियन मेडिकल एसोएिशन(आईएमए)से मिली जानकारी के अनुसार राइट-टू-हेल्थ बिल के विरोध में जिले के छोटे-बड़े निजी चिकित्सालयों को पिछले 12 दिन में करीब 5 करोड़ का फटका लगा है। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 50 छोटे व बड़े निजी अस्पताल संचालित है, जबकि 100 निजी क्लिनिक है, जहां गंभीर बीमारियों से पीडि़त, प्रसूताएं, दुर्घटनाओं में घायल, मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीज भी निजी चिकित्सालय में इलाज कराने पहुंचते है, पर इन दिनों मरीजों को निजी चिकित्सालय बंद होने से निराश लौटना पड़ रहा है या सरकारी अस्पतालों में चक्कर काटने पड़ रहे है, जहां भी रोगियों को कोई राहत नहीं है।
अब तक टले साढ़े तीन सौ से अधिक ऑपरेशन
आईएमए के अनुसार जिले में पिछले 12 दिन में निजी चिकित्सालयों में करीब साढ़े तीन सौ से अधिक ऑपरेशन टाले गए है। निजी चिकित्सालय में हड़ताल से पूर्व प्रतिदिन करीब 30 से अधिक ऑपरेशन किए जाते थे, जो फिलहाल बंद है। ऐसे में मरीजों व प्रसूताओं को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जांच,सोनोग्राफी व एक्सरे के लिए भटक रहे हैं मरीज
निजी अस्पतालों में कार्य बहिष्कार के दौरान सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में भी जांच, सोनोग्राफी व एक्सरे के लिए मरीज इधर-उधर ही भटक रहे है। उधर, निजी अस्पतालों के बंद होने से जिला अस्पताल में ओपीडी का आंकड़ा बढ़ रहा है। रोगियों व उनके तीमारदारों को पर्ची व दवा काउंटर के साथ चिकित्सक कक्ष में भी उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दवा कांउटर पर मरीजों की लम्बी-लम्बी कई कतार नजर आ रही है।
फैक्ट फाइल
– जिले में छोटे-बड़े कुल निजी चिकित्सालय-50
– जिले में कुल निजी क्लिनिक-100
-12 दिन से निजी चिकित्सकों की हड़ताल व कार्य बहिष्कार जारी।
-निजी अस्पतालों में पिछले 12 दिन में टले ऑपरेशन-360
-प्रतिदिन निजी अस्पतालों में टल रहे ऑपरेशन-30 तक
-पिछले 12 दिन में छोटे-बड़े निजी चिकित्सालयों को हुआ नुकसान-4 से 5 करोड़
– प्रतिदिन निजी चिकित्सालयों को हो रहा नुकसान-30 से 40 लाख
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इनका कहना है..
राइट-टू-हेल्थ बिल के विरोध में पिछले 12 दिन से चिकित्सकों की हड़ताल व कार्य बहिष्कार जारी है। पिछले 12 दिन में जिले के छोटे-बड़े अस्पतालों में करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ है, वहीं साढ़े तीन सौ से अधिक ऑपरेशन टले है। सरकारी अस्पतालों से भी समर्थन मिल रहा है। उच्च स्तर पर भी वार्ता चल रही है।
डॉ.शिवसिंह, सचिव, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन(आईएमए)