सवाईमाधोपुर. नगरपरिषद सभापति विमल चंद महावर को निलंबित करने के बाद शनिवार को चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। नगरपरिषद सभापति के हटने के साथ ही कार्यवाहक कौन पर अब सभी की निगाहें टिकी है। आखिर अब किसको कार्यवाहक तौर पर चार्ज दिया जाएगा और स्थाई रूप से किसको सभापति बनाया जाएगा। इसको लेकर लोगों में चर्चा है। गौरतलब है कि शुक्रवार देर शाम स्वास्थ्य शासन विभाग जयपुर के निदेशक एवं विशिष्ठ सचिव ने एक आदेश जारी कर सभापति विमल चंद महावर को निलंबित कर दिया था।
एएसी वर्ग पार्षदों को फिर मिला अवसर
सभापति की सीट खाली हो चुकी है। परिषद में एससी वर्ग के पार्षदों को एक बार फिर सपना देखने का अधिकार मिल गया है। करीब साढ़े पांच महीने पहले सभापति विमल चंद महावर को 30 हजार रुपए की घूस लेते जयपुर एसीबी टीम ने रंगे हाथों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से सभापति जेल में बंद थे, तब भी सभापति की कुर्सी खाली थी और एससी वर्ग के पार्षद सभापति बनने का ख्वाब देख रहे थे लेकिन जमानत पर छूटने के बाद सभापति विमल चंद महावर फिर से सभापति की कुर्सी पर काबिज हो गए थे। ऐसे में सभापति बनने का सपना देख रहे पार्षदों को निराशा हुई।
अब विधायक के सामने होगी चुनौती
चुनाव होने तक सभापति की सीट पर बैठ कर कौन काम करेगा, यह चुनौती सामने है। इस चुनौती का समाधान अब क्षेत्रिय विधायक दानिश अबरार को करना होगा। अब इस सीट पर सरकार जिसे भी बिठाएगी उस में विधायक की सलाह महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में अब विधायक के सामने चुनौती यह है कि आखिर वे इन सभी एकजुट पार्षदों में से किस का नाम सरकार को सुझाते हैं और किस को नजर अंदाज करते हैं।
पार्षदों की संख्या पर एक नजर..
पार्टी संख्या
कांग्रेस 27
भाजपा 22
निर्दलीय 10
कम्यूनिस्ट पार्टी 1
इनका कहना है
सभापति के निलंबित होने के बाद डीएलबी से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही सभापति के चुनाव के लिए अग्रिम कार्रवाई हो सकेगी। बैठक व अन्य कार्यों के लिए उपसभापति कार्य कर करेंगे।
सुरेश कुमार ओला, जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर
उच्च स्तर पर होगा निर्णय
यह राजनैतिक मामला है। अब किसको कार्यवाहक सभापति का चार्ज दिया जाएगा। इसकी जानकारी नहीं है। डीएलबी के दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही कार्यवाहक सभापति का चार्ज दिया जाएगा।
होतीलाल मीणा, आयुक्त, नगरपरिषद सवाईमाधोपुर