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सवाई माधोपुर

प्रदेश को पांचवे टाइगर रिजर्व की सौगात, करौली, धौलपुर के जंगलों को जोड़कर किया जाएगा विकसित

नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरियटी ने दी मंजूरी

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सवाईमाधोपुर. प्रदेश को जल्द ही पांचवे टाइगर रिजर्व की सौगात मिलने वाली है। दरअस्ल नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरियटी की ओर से वन विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दीे दी है। जिसमें रणथम्भौर के दूसरे डिवीजन करौली के कैलादेवी अभयारण्य व धौलपुर के जंगलों को जोड़कर एक नया टाइगर रिजर्व घोषित करने की मांग की गई थी। 2022 की शुरूआत में वन विभाग की ओर से यह प्रस्ताव भेजा गया था।
1058 वर्ग किमी होगा कुल क्षेत्रफल
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग की ओर से करौलीए धौलपुरए सरमथुरा व भरतपुर को जोड़कर प्रदेश का पांचवा टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार करके उच्च अधिकारियों को भी भिजवा दिए गए हैं। नए टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1058 वर्ग किमी होगा।
इस क्षेत्र को किया गया शामिल
वन विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार करौली की मासलपुर रेंजए धौलपुर के झिरी वन क्षेत्र भरतपुर के वन क्षेत्र और सरमथुरा वन क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। हालांकि वन अधिकारियों की माने तो अभी प्रस्ताव भेजे गए है और इस दिशा में काम किया जा रहा है। एनटीसीए की ओर से इस संबंध में इन प्रिंसिपल अप्रूवल जारी किया गया है। ऐसे में अब राज्य सनरकार व वन विभाग की ओर से करौली व धौलपुर को मिलाकर प्रस्तावित प्रदेश के पांचवे टाइगर रिजर्व में जल्द ही कोर व बफर इलाकों के संबंध में भी नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
नौ बाघ-बाघिनों का है मूवमेंट
वन अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में करौली के कैलादेवी अभयारण्य में कुल 5ए धौलपुर मेंं 4 बाघ. बाघिनों का विचरण है। इसमें बाघ टी.72, टी 80 यानि तूफान बाघ टी.115, बाघिन टी.118, टी.116, बाघिन टी.117 बाघ टी-136, टी-132 आदि शामिल है। हालांकि बाघिन टी-118 व बाघ टी-132 फिलहाल टे्रस नहीं हो पा रहे है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यदि करौली के कैलादेवी अभयारण्य को जोड़कर प्रदेश का पांचवा टाइगर रिजर्व घोषित किया जाता है तो आने वाले समय में बाघों को बेहतर पर्यावास तो मिलेगा ही साथ ही पर्यटन में भीइजाफा हो सकेगा। गौरतलब है कि करौली के कैलादेवी अभयारण्य में पूर्व में ही दो रूटो पर टाइगर सफारी करने की अनुमति दी जा चुकी है। ऐसे में टाइगर रिजर्व के बनने से पर्यटन के साथ. साथ रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा और रणथम्भौर से दबाव भी कम होगा। हाल ही में करौली के कैलादेवी अभयारण्य में वन विभाग की ओर से पर्यटकों के लिए सफारी भी शुरू की गई है।
प्रिंसिपल सेकेट्री ने जारी किया ट्वीट
करौली के कैलादेवी अभयारण्य को शामिल करते हुए बनए जाने वाले प्रदेश के नए टाइगर रिजर्व के संबंध में वन विभाग के प्रिंसिपल सेकेट्री शिखर अग्रवाल ने भी ट्वीट किया है। ट्वीट में करौली ेको जोड़ते हुए प्रदेश में एक नए टाइगर रिजर्व के संबंध में एनटीसीए की अनुमति मिलने की जानकारी दी गई है।
ऐसा होगा नया टाइगर रिजव…र्र्
1058 वर्ग किमी होगा कुल क्षेत्रफल
368 वर्ग किमी होगा कोर एरिया
690 वर्ग किमी होगा बफर एरिया
197 वर्ग किमी करौली का वन क्षेत्र होगा कोर एरिया में शामिल
170 वर्ग किमी धौलपुर का वन क्षेत्र होगा कोर एरिया में शामिल
इनका कहना है…
करौली व धौलपुर के जंगलों को जोड़कर पांचवे टाइगर रिजर्व को एनटीसीए की अनुमति मिलने की सूचना मिली है। लेकिन अभी तक लिखित में आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
– सुरेश गुप्ता, उपवन संरक्षक, धौलपुर।

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