
सावों से डेयरी हो गई साफ, दूध की आवक में कमी
गंगापुरसिटी. सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की ओर से संचालित दूध डेयरी पर सावों का असर देखने को मिल रहा है। शादी-समारोह की अधिकता के चलते डेयरी पर इन दिनों दूध की आवक में काफी कमी आई है। जनवरी में जहां प्रतिदिन औसतन साढ़े तीन हजार लीटर दूध की आवक हो रही थी। वर्तमान में ये आवक घटकर प्रतिदिन ढाई हजार लीटर रह गई है। सावों के चलते दूध की मांग अधिक होने से आवक में कमी आना बड़ा कारण माना जा रहा है। इसके अलावा गर्मी में दूध उत्पादन में कमी होने को भी कारण माना जा रहा है।
यहां से आवक
डेयरी पर दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से दूध की आपूर्ति होती है। वर्तमान में सलेमपुर, गोविन्दपुरा, खानपुर बड़ौदा, सोप, गंगाजी की कोठी, ताजपुर, मीनापाड़ा, बाटोदा, खेड़ा, मोरपा, पिपलाई, बालाहेत, पटपड़ी, आशाकी सहित करीब 36 गांवों से दूध की आवक हो रही है। वर्तमान में दूध को ठंडा करने के बाद यहां से हिण्डौनसिटी की डेयरी को भेजा जा रहा है।
डेयरी पर एक नजर
दूध डेयरी की स्थापना शहर में वर्ष 1981 में की गई थी। तब डेयरी सवाईमाधोपुर एवं टोंक जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अधीन संचालित थी। वर्ष 2002 में यहां दूध की पैकिंग व अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाते थे। बाद में आर्थिक समस्या के चलते वर्ष 2013 में पैकिंग व अन्य कार्य बंद हो गया। वर्ष 2007 से सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अस्तित्व में आने के बाद से यह डेयरी इसके अधीन संचालित है।
भुगतान में देरी
डेयरी पर दूध में फेट के आधार पर भुगतान किया जाता है। वर्तमान में एक लीटर दूध में पांच प्रतिशत फेट होने पर 25 रुपए और 2 रुपए बोनस का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन अधिकतर भुगतान समय पर नहीं हो पाता। दूध लाने वालों को प्रत्येक दस दिन में भुगतान किया जाता है। वर्तमान में दो बार का भुगतान बकाया है।
असर पड़ा है
सावों और मौसम के चलते डेयरी में दूध की आवक कम हुई है। आवक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कैलाशचंद शर्मा,
प्रभारी दूध डेयरी गंगापुरसिटी
Published on:
11 Mar 2018, 11:13 AM IST
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