चीन ने विकसित की ऐसी चिप, जिससे बन सकते हैं आप दिमागी गुलाम!

चीन ने विकसित की ऐसी चिप, जिससे बन सकते हैं आप दिमागी गुलाम!

Prakash Chand Joshi | Publish: Jun, 07 2019 03:23:43 PM (IST) विज्ञान और तकनीक

  • चीन ने बना डाली अलग तरह की चिप
  • तीसरे वर्ल्ड इंटैलिजेंस कांग्रेस के आयोजन में पेश की ये चिप
  • हर कोई हैरान है इस चिप के बारे में जानकर

नई दिल्ली: चीन ( China ) ने हाल ही में तीसरे वर्ल्ड इंटैलिजेंस कांग्रेस के आयोजन में दुनिया के सामने एक ऐसी चीज पेश की, जो हर किसी को हैरान कर रही है। ये ऐसी चीज है जिससे इंसान चलता फिरता कंप्यूटर तो बन सकता है, लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि ये चीज दुनिया को अपना गुलाम बना लेगी। शायद ये जानकर आप हैरान हो रहे होंगे कि भला ऐसे कैसे हो सकता है, तो चलिए आपको बताते हैं।

 

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क्या है चिप का नाम

चीन में हुए तीसरे वर्ल्ड इंडैलिजेंस कांग्रेस के आयोजन में चीन ने ये गजब की चीज पेश की। इसे नाम दिया गया है ब्रेन रीडिंग चिप, जिसका वैज्ञानिक नाम है बीसी3 यानि ब्रेन कंप्यूटर कोडेक चिप। वहीं बोलचाल की भाषा में इसे ब्रेन टाकर कहा जा रहा है। चीन इस चिप के द्वारा ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस तैयार करेगा। हालांकि, इससे पहले भी वैज्ञानिक बीसीआई डिवाइस बना चुके हैं जिससे पैरालाइज व्यक्ति अपने रोबोटिक हाथ को नियंत्रित कर सकते हैं। लेकिन अब तक ऐसी कोई चिप नहीं बनी जो इंसानी दिमाग में झांक सके और दिमाग को काफी तेज कर सके।

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क्या करेगी ये चिप

अगर सीधी भाषा में समझें तो इस चिप को लगाते ही हमारे ब्रेन की हर गतिविधि, हर इच्छा, हर जानकारी यहां तक कि हमारी हर मर्जी को कंप्यूटर समझेगा। वो हमारे नियंत्रण में होगा और हमारी हर मर्जी का पालन भी करेगा। हाालांकि, दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि इससे ब्रेन के न्यूरो संरचना पर कोई असर नहीं होगा। वहीं चीन के वैज्ञानिक कहते हैं कि केवल कंप्यूटर ही क्यों बल्कि कंप्यूटर पर आधारित कोई भी डिवाइस, स्मार्टफोन बिना बटन दबाए हमारी मर्जी से चलेगा। इसे ऐसे समझते हैं कि अगर मान लीजिए आपको लाल किले की कोई जानकारी चाहिए तो कंप्यूटर स्क्रीन पर वो दिखने लगेगी और अगर आपको किसी दोस्त या अपने को कॉल करना है तो आपका स्मार्टफोन अपने आप कॉल कर देगा।

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शरीर में कहा लगेगी ये चिप

ऐसे में एक सवाल काफी उठ रहा है कि आखिर ये चिप शरीर के किस भाग में लगेगी। क्या ये दिमाग में लगेगी या फिर शरीर के किसी और भाग में। लेकिन अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि इसे कहां लगा सकते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इस शरीर के बाहर भी पहना जा सकेगा। जहां इस चीज का जहां एक फायदा है कि आपके दिमाग में चल रही सारी बातें कंप्यूटर में रिकॉर्ड हो जाएंगी, तो वहीं इसका नुकसान भी है। अगर ये चिप किसी नेटवर्किंग या मास्टर कंट्रोल रूस से जुड़ी होगी तो हम डिजिटल कैदी भी बन सकते हैं। ऐसे में ये देखना अभी बाकी है कि इस चिप से कितना फायदा और कितना नुकसान होगा।

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