योग चिकित्सा एवं ध्यान शिविर तृतीय दिवस वैदिक मंत्रोचार के साथ शुभारंभ
सीहोर. योग चिकित्सा एवं ध्यान शिविर के तृतीय दिवस का शुभारंभ नगर के गणमान्य नागरिकों व योग शिक्षक योग साधको व पुरुषार्थी कार्यकर्ताओ द्वारा वैदिक मंत्रोचार के साथ किया गया। मंगलवार को सुबह साध्वी द्वारा शरीर के साथ साथ मन को चित किस तरह एकाग्र रखा जाता है, ध्यान केन्द्रित करने व जीवन को प्रभु की शरण में ले जाने के क्या उपाय प्रयत्न होंगे जिससे जीवन का उद्धार हो प्रकाश डाला गया।
मनुष्य के जीवन में बहुत सी बुराइयां व्याप्त हैं, इन्हें दूर करने का एक ही सरल उपाय है और वह है योग प्राणायाम। उन्होंने अगे कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं 'योग: कर्मसु कोशलम अर्थात योग करने से कार्यों में कुशलता आती है। आज साध्वी द्वारा मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के जीवन पद्दत्ति को समझाया। साथ ही विभिन्न असाध्य रोगों बीमारियों को दूर करने के उपाय पतंजलि औषधियों जड़ी बूटियों की जानकारी दी गई और सूर्य नमस्कार के साथ तमाम आसन प्राणायाम सिखाये।
बुधवार 4 दिसम्बर समापन दिवस पर शहर के रायसाहब भंवर सिंह कॉलेज में व्याख्यान, तहसील रेहटी, बुदनी में बैठक उपरांत 5 दिसम्बर से 8 दिसंबर तक तहसील बरेली जिला रायसेन में 4 दिवसीय शिविर सभी कॉलेज व तहसीलों में प्रवास करेगी। सभी कार्यक्रमो का समापन हवन यज्ञ के साथ ही सम्पन्न होंगे। साध्य्वी के साथ महिला पतंजलि योग समिति राज्य प्रभारी ज्योति दुबे, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट राज्य प्रभारी करन सिंह पंवार, राज्य कार्यकारणी सदस्य पार्वती शर्मा निरंतर जिले के प्रवास पर हैं।