homeopathic medicine- मवेशियों को दिया होम्योपैथिक दवाओं का डोज...>
सेंधवा (बड़वानी)। नगर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी वायरस से पीड़ित मवेशी किसानों की चिंता का विषय बने हुए है। खासकर लंपी वायरस से ग्राम गोई-वाकी में बहुत सी गायें संक्रमित हो रही हैं। लंपी वायरस जो कि दूध देने वाले जानवरों को जिसमें मुख्यत: गायों को ये बीमारी हो रही है। लंपी वायरस का संक्रमण संक्रमित मच्छरों एवं मक्खियों द्वारा स्वस्थ्य गायों को काटने से हो सकता है।
नगर के वरिष्ठ होम्योपैथीक चिकित्सक डॉ. एमके जैन एवं उनके सहयोगियों द्वारा रविवार को ग्राम पंचायत गोई-वाकी में होम्योपैथिक दवाइयों का लंपी वायरस से बचाव एवं जो गायें संक्रमित हो चुकी है। उन 240 गायों के लिए नि:शुल्क वितरित की गई। इस दौरान पंचायत क्षेत्र के पशुपालकों को लंपी वायरस से संबंधित विभिन्न जानकारियां भी दी गई। ग्रामीणों को बताया कि गायों को संक्रमण से क्या लक्षण आते है एवं इस संक्रमण से कैसे बचाव करना है।
संक्रमित मवेशियों के दूध से नुकसान नहीं
होम्योपैथिक चिकित्सक जैन ने बताया कि संक्रमित गायों से मनुष्यों को ये संक्रमण नहीं होता है। संक्रमित गायों के दूध का सेवन कोई भी व्यक्ति कर सकता है। बशर्तें दूध को अच्छी तरह से उबाल कर गर्म कर उपयोग करे एवं संक्रमित गायों को स्वस्थ्य गायों से दूरी पर बांध कर रखें।
होम्योपैथिक बने हुए हैं नुस्खे
डॉ. जैन ने बताया कि मवेशियों की विभिन्न बीमारियों के लिए होम्योपैथिक नुस्खे बने हुए है। जिनका उपयोग मवेशियों को ठीक करने के लिए नि:शुल्क वितरण करता हूं। इस नि:शुल्क शिविर में गोई-वाकी के सरपंच रवि डुडवे, उप सरपंच नरेंद्र सोलंकी एवं ग्रामीण हीरालाल डुडवे, प्रेमसिह सोलंकी, सुरसिंह चौहान, सुशील शर्मा उपस्थित थे। जैन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की 5000 मवेशियों सहित आगामी 27 अक्टूबर को सेंधवा नगर की विभिन्न गलियों में घूमने वाली संक्रमित गायों को होम्योपैथिक दवाई दी।
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