
Kolkata CBI raids premises of big industrialists in MP
CBI- एमपी के कुछ बड़े उद्योगपति केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI के निशाने पर हैं। उनके ठिकानों पर बुधवार को छापा मारा गया। कोलकाता से आई CBI टीम ने बड़वानी के सेंधवा में सुबह सुबह दबिश दी। नाबार्ड लोन घोटाले में यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि छापे में सीबीआई को फर्जीवाड़े के अहम दस्तावेज मिले हैं। मामले में निमाड़ एग्रो पार्क के संचालक अर्पित राजेंद्र कुमार तायल, निकुंज गिरधारीलाल तायल, अशोक बिहारीलाल तायल और अंकित गिरधारीलाल तायल आदि पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश के आरोपों पर एफआईआर हैं। इसी सिलसिले में CBI टीम ने सेंधवा में कुछ ठिकानों पर छापा मारा हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
कोलकाता CBI ने 8 जनवरी को कुछ सरकारी कर्मचारियों सहित उद्योगपति तायल बंधुओं केस दर्ज किया था। नाबार्ड भोपाल से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपए के लोन धोखाधड़ी मामले में दर्ज केस में टीम ने सेंधवा में छापा मारा। इससे पहले कई इलाकों में खासा पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
CBI की टीम ने जगन्नाथपुरी कॉलोनी स्थित तायल निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापा मारा है। रामकटोरा इलाके में भी एक अन्य टीम ने दबिश दी।
कोलकाता सीबीबीआई की एफआईआर में सेंधवा के उद्योगपतियों पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपियों ने नाबार्ड की फूड प्रोसेसिंग फंड योजना के तहत सेंधवा में प्रोजेक्ट के लिए करीब 13 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों से इस कर्ज राशि को अन्य कंपनियों और बैंक खातों में भेज दिया। सितंबर 2024 में ये लोन खाता एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया। इसके बाद नाबार्ड ने सीबीआई को जांच सौंपी।
बुधवार को उद्योगपतियों के ठिकानों पर सीबीआई के छापे के बाद बड़ा खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल सीबीआई अधिकारी दस्तावेजों की जांच करने और साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।
Published on:
14 Jan 2026 05:14 pm

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