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एक साल की लड़ाई के बाद बुजुर्ग को न्याय, बस संचालक पर हुई कार्रवाई

कंडक्टर ने यात्री से किया था अभद्र व्यवहार

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सिवनी. लगातार संघर्ष और एक साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार बुजुर्ग को न्याय मिला। मामला स्थानीय बस संचालक से जुड़ा था, जिस पर बुजुर्ग ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। लंबे समय तक जांच और कार्यवाही की प्रक्रिया में देरी होती रही, लेकिन अंतत: कलेक्टर संस्कृति जैन के आदेश पर एआरटीओ ने बस संचालक पर सख्त कार्रवाई की है। बुजुर्ग ने कहा कि देर से ही सही, पर न्याय मिला। दरअसल गणेश भवन कस्तूरबा वार्ड सिवनी निवासी 63 वर्षीय विपतलाल विश्वकर्मा 4 मई 2024 को इलाज के लिए नागपुर गए हुए थे। शाम को वापस बस से सिवनी लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से उन्होंने नॉन स्टॉप बस का टिकट लिया था, लेकिन बस को जगह-जगह रोका जा रहा था। जब ऐतराज जताया तो कंडक्टर ने अभद्र व्यवहार किया और बस से नीचे उतरने की बात कह डाली। जब मैंने टिकट के पैसे वापस मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। विपतलाल ने सिवनी पहुंचने पर बस संचालक के खिलाफ एआरटीओ से शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत भी एआरटीओ से जानकारी मांगी। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। मामले की शिकायत उन्होंने कलेक्टर से की। इसके बाद कलेक्टर के आदेश पर एआरटीओ ने बस संचालक पर कार्रवाई की।