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छात्राओं ने जाना चर्म रोग के लक्षण और उपचार

नेताजी सुबाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय

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छात्राओं ने जाना चर्म रोग के लक्षण और उपचार

सिवनी. नेताजी सुबाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय की बॉयोलॉजी षष्टम सेमेस्टर की छात्राओं ने चर्म रोग के संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ. शेषराव नावंगे से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मनुष्य एवं पशुओं में अनेक प्रकार की बीमारी होती है, जिसे चर्मरोग कहा जाता है। यह रहन-सहन, खान-पान तथा प्रकृति में नित होते परिवर्तन के कारण उत्पन्न होती है। समय पर इन बीमारियों का उपचार नहीं किया गया तो यह बीमारी लाइलाज बीमारी के रूप में समाज में जड़ जमा लेती है। चर्म रोग से कैंसर एवं टीबी की उत्पत्ती होती है।
विभागाध्यक्ष नावंगे ने बताया कि इन बीमारियों के लक्षण शरीर में चक्के जैसे चिन्ह अंकित हो जाते है, जो ध्यान नहीं देने पर शरीर में सफेद दाग का रूप धारण कर लेते हैं। इन्हें रोकने के लिये बॉयोलॉजी की छात्राओं ने ना केवल प्रयोग किया बल्कि उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इस प्रयोग के लिए अलग-अलग ग्रुप बनाए गए थे। प्रथम गु्रप में निकिता साहू, सोनम साहू, श्रद्धा सोनी, प्रिया राय। द्वितीय ग्रुप में शिवानी सनोडिय़ा, यशोदा सनोडिय़ा। तृतीय ग्रुप में अनामिका सिरसाम, आयुषी चौरसिया, मनीषा वरकड़े, कविता परानी, संजय सनोडिय़ा, आराधना साहू। चतुर्थ मनीता नमृते, पूनम नागले, सरिता भलावी, मधुलता, आशा डहेरिया, प्रियशना, ग्रुप पंचम में तस्लीम फातिमा, सोनाली पंचेश्वर, शालू पारधी, उर्वशी कुमार, निधी विश्वकर्मा, प्रियंका बघेल, शिवानी पारधी। सप्तम निशा साहू, नीलम ठाकुर, सरोज साहू, पूजा ठाकुर, साधना सनोडिया। अष्ठम ग्रुप में लोकेश कुड़ापे, शशिकला भलावी, कीर्ति साहू, दिपिका इनवाती, नवम ग्रुप में तुलसी ब्रम्हे, सरोज साहू, प्रिंयका राय, प्रिंयका, चित्ररेखा, दशम ग्रुप में आयुषी भोयर, पलक गुर्देकर, पूजा पाल, डॉली कोटे, माया पटेल, मनीषा, श्वेता डहेरिया, पूनम प्रजापति, संध्या डहेरिया, साक्षी ठाकुर, श्वेता अमृते, पूनम राय, अनीता ठाकुर, अर्पण बघेल, अर्चना पंचेश्वर, मनु बघेल सहित अनेक छात्राएं उपस्थित थी। उन्होंने बताया कि चर्म रोग को लेकर उनके मन में उठने वाली अनेक शंकाओं का समाधान किया गया। अक्सर देखा जाता है कि चेहरे पर विभिन्न प्रकार के दाग उत्पन्न हो जाते हैं। उन्हें बायोलॉजी के प्रयोग के माध्यम से किस तरह से दूर किया जा सकता है। इस संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।

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