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ऋणमाफी के चक्कर में ओवरड्यू हो साढ़े 9 हजार किसान

ऋणमाफी के चक्कर में ओवरड्यू हो साढ़े 9 हजार किसानजिले में ओवरड्यू होने से किसान परेशान, खाद के लिए सहकारी संस्थाओं के काट रहे चक्कर, ओवरड्यू होने से 15 फीसदी लग रहा अब ब्याज

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ऋणमाफी के चक्कर में ओवरड्यू हो साढ़े 9 हजार किसान

ऋणमाफी के चक्कर में ओवरड्यू हो साढ़े 9 हजार किसान

श्योपुर,
पहले सरकार की ऋणमाफी की सूची में नाम आ गया तो किसानों ने सहकारी संस्थाओं और सहकारी बैंकों में अपना बकाया ऋण जमा नहीं किया। लेकिन सरकार से अभी तक ऋणमाफी नहीं होने और ऋण जमा करने की ड्यू डेट निकल जाने से कई किसान अब ओवरड्यू हो गए हैं। यही वजह है कि जिले में इन किसानों को सहकारी संस्थाओं ने खाद देने से इंकार कर दिया है।

बीते रोज ही फिलोजपुरा सहकारी संस्था में हलगांवड़ा बुजुर्ग के एक किसान को ओवरड्यू बताकर खाद नहीं देने की बात संस्था में लिखकर भी दे दी। इस मामले के बाद पत्रिका ने पड़ताल की तो पाया कि जिले में सहकारी संस्थाओं से जुड़े लगभग साढ़े नो हजार किसान ऐसे हैं, जो सरकार की ऋणमाफी के चक्कर में ओवरड्यू हो गए हैं। ऐस में अब इन किसानों को जहां संस्थाओं से खाद नहीं मिल रहा है, वहीं 15 फीसदी का ब्याज भी लग रहा है। जिसमें 12 फीसदी ब्याज और 3 फीसदी दंडब्याज है। यही वजह है कि किसान परेशान हैं और उन्हें नगद में मनमाने दामों पर बाजार से नगद में खाद लेना पड़ रहा है। बावजूद इसके न तो सरकार सुन रही है और न ही जनप्रतिनिधि।


सहकारी बैंकों के 9481 किसान हो गए ओवरड्यू
जिला सहकारी बैंक की शाखाओं के माध्यम से ऋण माफी योजना में 28 हजार 551 किसान जिले में पात्र पाए गए। इनमें अभी तक जिले में 19 हजार 70 किसानों (4301 पीए(ड्यू) और 1476 8 एनपीए(ओवरड्यू) किसान) के प्रकरण जिला प्रशासन के माध्यम से स्वीकृत हुए हैं और लगभग 52 करोड़ रुपए इन किसानों के माफ हो गए हैं। लेकिन अब शेष 9 हजार 481 किसानोंं के न तो प्रकरण स्वीकृत हो पाए हैं और न ही ऋणमाफी हुई है। विशेष बात यह है कि इन किसानों ऋण माफ होने के इंतजार में अपना बकाया ऋण जमा नहीं किया, जिसके चलते ड्यू डेट 30 जून 2019 गुजर गई और ये किसान ओवरड्यू हो गए। यही वजह है कि अब जब किसान खरीफ और आगामी रबी फसलों के लिए खाद लेने सहकारी संस्थाओं पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें इंकार सुनने को मिल रहा है।