
पीएम के दौरान मौजूद परिजन।
श्योपुर. देहात थाना क्षेत्र के ग्राम दलारनाखुर्द निवासी एक मजदूर की बीती रात को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था और उसकी मौत राजस्थान में ईंट डालकर लौटने के दौरान हुई। मगर मौत हुई कैसे, इसको लेकर संदेह है, क्योंकि मृतक के साथ गए मजदूर उसकी मौत गिरने के कारण होना बता रहे हैं, लेकिन मृतक के शरीर पर चोट के निशानों से मामला संदिग्ध हो गया है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम दलारनाखुर्द निवासी बाबूलाल आदिवासी (45) बायपास रोड क्षेत्र में संचालित ईट भट्टा पर काम करता था। शनिवार को बाबूलाल आदिवासी सहित अन्य साथी मजदूरों के साथ राजस्थान के बारां जिले के रेनावद गांव में ईंट डालने के लिए गए थे। लौटते समय रास्ते में बाबूलाल आदिवासी की मौत हो गई। मगर साथ गए मजदूरों का कहना है कि बाबूलाल आदिवासी चलती ट्रॉली के अंदर ही गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई, लेकिन मृतक के शरीर पर ट्रैक्टर के पहियों के निशान मौजूद हैं। जिससे सवाल खड़ा हो रहा है कि यदि बाबूलाल ट्रॉली के अंदर ही गिरता तो उसके शरीर पर पहियों के निशान क्यों आते। रविवार को देहात थाना पुलिस ने जिला अस्पताल में मृतक का पीएम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया और मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
साथ में गए मजदूर तो बाबूलाल की मौत ट्रॉली के अंदर गिर जाने के कारण होना बता रहे हैं, लेकिन मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जो कारण आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरव शर्मा, थाना प्रभारी, देहात श्योपुर
Published on:
05 Jan 2020 11:14 pm
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