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त्रिवेणी संगम में लगाई आस्था की डुबकी

सोमवती और हरियाली अमावस्या के दोहरे संयोग पर त्रिवेणी संगम और ध्रुव कुंड में श्रद्धालुओं ने किया स्नान, किए दान-पुण्य

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त्रिवेणी संगम में लगाई आस्था की डुबकी

रामेश्वर त्रिवेणी संगम में स्नान करते श्रद्धालु

मानपुर/बड़ौदा. हरियाली और सोमवती अमावस्या का दोहरा संयोग पर्व सोमवार को मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने दान-पुण्य किए और जलाशयों में पवित्र स्नान किया। इस दौरान जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल रामेश्वर धाम पर बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई और सोमवती का पर्व स्नान किया। वहीं उतनवाड़ के ध्रुव कुंड पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।


मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर चंबल, बनास एवं सीप नदियों के संगम रामेश्वर धाम पर सोमवती अमावस्या पर स्नान व दान-पुण्य का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यही वजह है कि सावन मास की हरियाली अमावस्या इस बार सोमवार को आई तो दोहरा संयोग हो गया। इसी के चलते त्रिवेणी संगम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और सुबह से ही पवित्र स्नान का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो दोपहर तक अनवरत चलता रहा। दोपहर बाद तक नदी के दोनों तरफ स्नान घाटों पर हर-हर गंगे के उद्घोष गंूजते रहे। त्रिवेणी में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मध्यप्रदेश की सीमा में रामेश्वर महादेव मंदिर व श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में दर्शन किए, तो राजस्थान में श्री चतुर्भुज नाथ के दर्शन किए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किए।


ध्रुव कुंड में भी जुटे श्रद्धालु
त्रिवेणी संगम रामेश्वर के साथ ही बड़ौदा तहसील क्षेत्र के उतनवाड़ गांव स्थित पवित्र ध्रुव कुंड में भी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। यहां भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई, जो दोपहर बाद तक चलती रही। यहां ध्रुव कुंड में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने धु्रवजी के मंदिर और भगवान शंकर के मंदिर में दर्शन किए।


सुहागिनों ने पूजा कर किया ऋतुफल का दान


हरियाली और सोमवती अमावस्या पर सुहागिनों ने लंबे सुहाग की कामना के साथ व्रत रखा और पूजा-अर्चना कर कहानी सुनी व ऋतुफल का दान किया। महिलाओं ने पीपल के पेड़ को भगवान विष्णु का प्रतीक मानकर पूजन किया। वहीं कई जगह लोगों ने पौधरोपण किया और हरियाली व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।