5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निलंबित पटवारी को बहाल करने प्रभारी मंत्री ने लिखा कलेक्टर को पत्र

- 70 बीघा सरकारी जमीन को दूसरों के नाम चढ़ाने के मामले में निलंबित हुआ था पटवारी- नायब तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन पर एसडीएम ने की थी निलंबन की कार्रवाई

less than 1 minute read
Google source verification
निलंबित पटवारी को बहाल करने प्रभारी मंत्री ने लिखा कलेक्टर को पत्र

निलंबित पटवारी को बहाल करने प्रभारी मंत्री ने लिखा कलेक्टर को पत्र

श्योपुर
बड़ौदा के राजौरा हल्का में बाजरली गांव स्थित सरकारी 70 बीघा जमीन को दूसरे लोगों के नाम दर्ज करने के मामले में नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम द्वारा निलंबित किए गए पटवारी को बहाल करने जिले के प्रभारी मंत्री लाखन सिंह यादव ने कलेक्टर के नाम पत्र लिखा है। जिसमें उसे बहाल कर पूर्ववत पदस्थ करने का जिक्र किया गया है। मंत्री के लेटरहेट पर लिखे इस पत्र पर 2487 क्रमांक व 11 दिसम्बर की तारीख अंकित है।

उल्लेखनीय है कि बड़ौदा तहसील के राजौरा हल्के में पटवारी बनवारीलाल शाक्य ने बाजरली गांव स्थित भूमि सर्वे नंबर 29 रकबा 147.750 हेक्टेयर में से 14.063 हेक्टेयर (70 बीघा) भूमि 6 लोगों के नाम कर दी। जिनमें गुरजीत सिंह, मनजीत सिंह, गुरदीप सिंह, सिमरजीत कौर, जगदीप सिंह, सतवीर सिंह सिक्ख के नाम उक्त भूमि पर दर्ज कर दिए। जिनमें पांच लोगों को तो 10-10 बीघा व एक को 20 बीघा भूमि प्रदान की गई।

शिकायत होने पर नायब तहसीलदार शिवराज मीणा ने मामले की जांच की तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जिस पर उन्होंने अपना जांच प्रतिवेदन बनाकर कार्रवाई के लिए एसडीएम रूपेश उपाध्याय को भेज दिया। जिस पर एसडीएम रूपेश उपाध्याय ने पटवारी बनवारीलाल शाक्य को निलंबित करते हुए कराहल तहसील में अटैच कर दिया।