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तीन गांव के आदिवासी परिवार गड्ढों का पानी पीने को मजबूर

भोजका में बोर पर तख्ती लगा कर ग्रामीणों ने लिखा कोई सुनवाई नहीं    

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तीन गांव के आदिवासी परिवार गड्ढों का पानी पीने को मजबूर

तीन गांव के आदिवासी परिवार गड्ढों का पानी पीने को मजबूर

कराहल, श्योपुर. तीन गांव के आदिवासी परिवार गड्ढों में भरा पानी पीने को मजबूर हैं। बोर खराब होने के चलते आदिवासी परिवारों के सामने यह समस्या उत्पन्न हुई है। अब नदी के गड्ढों का पानी भी सूखता जा रहा है। बावजूद इसके जनपद पंचायत और जिले के अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को हल नहीं कर पा रहे हैं। जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने भोजका में बंद ट्यूबेल के सामने तख्ती बनाकर लिखा दिया कि यह दो अक्टूबर से बंद है, लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हो सकी है।

इधर दांती में जिला पंचायत सीईओ के निर्देश के बाद भी सिंगल फेस की मोटर डालकर चालू नहीं कराई गई है। ग्राम पंचायत चक्करामपुरा में एक महीने से नदी में बने कुआं का पानी ग्रामीण पी रहे हैं। ग्रामीण हर दिन सोशल मीडिया पर फोटो खींचकर पेयजल संकट से जूझते हुए फोटो डाल रहे हैं। हालांकि बीते दिन हुई बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने निर्देश दिए थे। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हुई है।

केस-1

दांती गांव के लोगों की शिकायत पर निरीक्षण करने पहुंचे जनपद सीईओ एसएस भटनागर ने तीन दिन में मोटर डालने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक मोटर नहीं डाली जा सकी है। जिला पंचायत सीईओ ने दांती गांव की पेयजल संकट को गंभीरता से लिया था। इसके बाद निर्देश दिए थे कि तीन दिन में लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलाई जाए, लेकिन समस्या अब भी बरकरार है।

केस-2

कराहल जनपद के भोजका गांव में अक्टूबर माह से बोर बंद है। ऐसे में तीन सैंकड़ा आदिवासी परिवार हर दिन ढेड़ किमी दूर नदी से पानी लाकर पी रहे हैं। दो माह से अधिक होने से समस्या गंभीर होती जा रही है। ग्रामीण पंचायत सचिव को शिकायत कर चुके हंै, लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हुई। इतना ही नहीं ग्रामीण जनपद सीईओ को भी शिकायत कर चुके हैं।

केस-3

ग्राम पंचायत चक्कारामपुरा में मोटर बंद हुए एक माह से ज्यादा समय हो गया है। इस कारण ढेड़ सैंकड़ा परिवार नदी में बने कुएं से पानी लाकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों कहना है कि बीते दिनों से कुआं का पानी भी दूषित हो गया है। बावजूद इसके ग्रामीणों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों के बीमार होने की आशंका बनी हुई है।

पीएचई विभाग के अधिकारी और जनपद सीईओ को फोन कर स्थिति को दिखवाता हूं । ग्रामीणों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कराई जाएगी

विजय यादव, एसडीएम, कराहल