29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गांवों में शाम होते ही बंद हो रहे घरों के दरवाजे, भारी दहशत में लोग

अजीतगढ़ में अरावली पहाड़ी की तलहटी में बसे दर्जनों गांव इन दिनों दहशत में है।

less than 1 minute read
Google source verification

सीकर

image

Sachin Mathur

Dec 19, 2019

गांवों में शाम होते ही बंद हो रहे घरों के दरवाजे, भारी दहशत में लोग

गांवों में शाम होते ही बंद हो रहे घरों के दरवाजे, भारी दहशत में लोग

सीकर. अजीतगढ़ में अरावली पहाड़ी की तलहटी में बसे दर्जनों गांव इन दिनों दहशत में है। शाम होते ही इन गांवों के मकानों के दरवाजे बंद हो जाते हैं और उसके बाद कोई घर से बाहर नहीं निकलता। वजह है पेंथर के मूवमेंट की सूचना। दरअसल, पिछले 2 दिनों से अजीतगढ़ कस्बे की अरावली पहाड़ी पर पैंथर के मूवमेंट की जानकारी तस्वीरों के साथ सामने आई है। इसके बाद से न नजदीकी गांवों में दहशत है। लोगों ने अपने मवेशियों को घरों से बाहर बांधना बंद कर दिया है। वहीं, खुद भी शाम के बाद घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। 25 पापड़ा हनुमान मंदिर में भी दर्शन करने नहीं जा रहे। हालांकि जानकारी के बाद से वन विभाग की टीम लगातार मौके पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार को भी एक टीम लगातार आसपास के इलाकों में पेंथर को खोजती रही।

इन कॉलोनी में ज्यादा दहशत


पेंथर की तस्वीर सामने आने के बाद से अजीतगढ़ की बसंत विहार कॉलोनी, गुरुकुल कॉलोनी, अस्पताल क्षेत्र, जनता कॉलोनी क्षेत्र, चौधरी कॉलोनी, हरदास का बास मोड क्षेत्र कॉलोनी, साईं बाबा क्षेत्र, जगदीशपुरी क्षेत्र समेत कई कॉलोनी में भारी दहशत है। अरावली की तलहटी में बसी इन कॉलोनियों में पहले भी पैंथर घरों में घुसकर मवेशियों का शिकार कर चुके हैं। वन विभाग के रेंजर देवेंद्र सिंह का कहना है कि पैंथर को पर्याप्त शिकार व पानी नहीं मिलने पर वह आबादी क्षेत्र में घुसता है। ऐसे में लोगों को घरों के बाहर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी चाहिए। क्योंकि तेज रोशनी के सामने पेंथर के आने की आशंका कम रहती है।

Story Loader