VIDEO सीकर एक्सीडेंट : दो बार मौत को मात देकर तीसरी बार किसी को नहीं बचा पाया लोक परिवहन बस का चालक

सीकर हादसे का सबसे बड़ा चश्मदीद है बीकानेर डीपो की बस का चालक रामचंद्र। रामचंद्र ने पत्रिका को बताया कि रतनगढ़ से यह बस उनके पीछे चली थी।

By: vishwanath saini

Updated: 04 Jan 2018, 12:40 PM IST

सीकर. हादसे का सबसे बड़ा चश्मदीद है बीकानेर डीपो की बस का चालक रामचंद्र। रामचंद्र ने पत्रिका को बताया कि रतनगढ़ से यह बस उनके पीछे चली थी। हमारी बस कहीं नहीं रुकी और इसने बीरमसर व रोलसाहबसर में रुककर सवारियां भी ली। बस इतनी लापरवाही से चला रहा था कि हमारी बस को इससे पहले तीन बार गलत तरीके से ओवरटेक कर चुका था। एक जगह तो मैने कंडक्टर मुकेश को कहा भी था कि यह कहीं भिड़ेगा। कुछ देर बाद ही गलत तरीके से फिर आगे गाड़ी निकालने लगा और हादसा हो गया। अगर मैं गाड़ी को नीचे कच्चे में नहीं उतारता तो हमारी गाड़ी में सवार लोगों को भी चोटें आ सकती थी।

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रोडवेज में थे कलक्टर के भाई, बोले आज तक नहीं देखा ऐसा हादसा
जिस रोडवेज बस को लोक परिवहन ओवरटेक कर रही थी उसमें सीकर कलक्टर नरेश कुमार ठकराल के भाई महेश ठकराल भी सवार थे। महेश बीकानेर में अपनी बहन के पास जाकर आ रहे थे और सीकर में भाई के पास ही आ रहे थे। हादसे के बाद पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी बस जहां से भिड़ी वे उस तरफ ही बैठे थे। एकबार तो कुछ समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। बाहर निकलकर देखा तो लोकपरिवहन से लोगों के चिथड़े लटक रहे थे। उन्होंने आजतक ऐसा हादसा नहीं देखा। हादसे बाद उन्होंने अपने कलक्टर भाई को सूचना दी।

रोडवेज भी हुई क्षतिग्रस्त
आवरटेक के वक्त सामने से ट्रोला आते देख लोकपरिवहन ने चालक ने बस को फिर से रोडवेज की तरफ दबा दिया था। र हालांकि रोडवेज की बस भी थोड़ी क्षतिग्रस्त हुई लेकिन किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। रोडवेज बस साइड में उतरने के कारण लोकपरिवहन भी एक साइड से ही ट्रोले से भिड़ी अन्यथा आमने सामने भिड़ंत में और भी लोग काल का ग्रास बन सकते थे।

 

सरदारशहर. सीकर के रोलसाहबसर के पास बुधवार सुबह लोक परिवहन बस व ट्रोले के बीच हुई भिड़ंत में मारा गया कस्बे के वार्ड 39 निवासी सीताराम प्रजापत मिस्त्री का कार्य करता था। वह बुधवार को पत्नी कमला का स्वास्थ्य खराब होने के कारण कार्य पर नहीं गया था।

vishwanath saini Desk
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