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सऊदी अरब तक जुड़े नकली नोटों के तार, जरुरत पडऩे पर नोट छापने जयपुर जाता था मास्टरमाइंड

राजस्थान की सीकर पुलिस की कार्रवाई में पकड़ा गया नकली नोट छापने का मास्टरमाइंड मुबारिक है। जो झुंझुनूं के बिसाउ कस्बे का टाईं गांव निवासी है।

सीकरJul 05, 2020 / 12:32 pm

Sachin

सऊदी अरब तक जुड़े नकली नोटों के तार, जरुरत पडऩे पर नोट छापने जयपुर जाता था मास्टरमाइंड

सऊदी अरब तक जुड़े नकली नोटों के तार, जरुरत पडऩे पर नोट छापने जयपुर जाता था मास्टरमाइंड

सीकर. राजस्थान की सीकर पुलिस की कार्रवाई में पकड़ा गया नकली नोट छापने का मास्टरमाइंड मुबारिक है। जो झुंझुनूं के बिसाउ कस्बे का टाईं गांव निवासी है। जरुरत होने पर वह जयपुर जाता और नोट छापकर लाता था। टाईं से लेकर जयपुर और सउदी अरब तक नकली नोट चलाने के तार जोड़े गए हैं। मुबारिक ने नकली नोटों को छापने के लिए जयपुर में ही किराए पर फ्लैट ले रखा था। पहले 100,200 रुपए के नोट छापने शुरू किए। नोट बाजार में चलने लगे तो विश्वास बढ़ गया। इसके बाद जल्द रहीस बनने के लालच में दो हजार के नोट छापने लगा। गांव के ही आसिफ व मेजर खां को साथ में मिलाया। नोट छापने के लिए ही जयपुर में फ्लैट पर जाते थे। जल्द पकड़े जाने के डर से जयपुर में नोट नहीं चलाने की योजना बनाई। तीनों एक साथ ही पिं्रटिंग मशीन और कम्प्यूटर पर काम करते थे। जयपुर से ही प्रिंटिंग मशीन और कम्प्यूटर का सेटअप लेकर लगाया। जयपुर से ही नोट छापने के लिए पेपर लेकर आते थे। नोटों की हुबहू नकल की। किसी को नकली नोट देखकर पता भी नहीं लग सके। सदर थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मुबारिक अभी फरार है। उसके पकडऩे के लिए जयपुर, झुंझुंनूं में दबिश दे रहे है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आसिफ, मेजर व अभिषेक को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि तीनों के पास से 3.60 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए गए थे। इनके जयपुर के अलावा कहां पर ठिकाने है और कहां-कहां पर नकली नोट चलाए गए। पूछताछ की जा रही है।


5 महीने से छाप रहे नकली नोट

जांच में सामने आया है कि मुबारिक, आसिफ व मेजर खां तीनों मिलकर पिछले पांच महीने से नकली नोट बना रहे है। तीनों नकली नोट बनाने की योजना में शामिल थे। अभिषेक स्वीगी में काम करता था। इन्होंने अभिषेक को 40 हजार रुपए का लालच देकर गिरोह में शामिल किया। 10 लाख रुपए के नकली नोटों के साथ पकड़े गए रफीक, असलम व रफीक केवल मोहरें ही थे। उन्हें नकली नोटों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनके पास से 10 लाख के नकली नोट बरामद हुए थे। असलम के भाई रियाज ने 10 लाख रुपए सउदी से भिजवाए थे। जिन्हें आसिफ व मेजर ने मिलकर नकली नोट थमा दिए।

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