सीकर. विदेश में नौकरी लगवाने वाले एजेंट का शिकार हुआ एक युवक चार महीने तक मलेशिया में भिखारी की तरह भटकता रहा।
सीकर. विदेश में नौकरी लगवाने वाले एजेंट का शिकार हुआ एक युवक चार महीने तक मलेशिया में भिखारी की तरह भटकता रहा। उसके खाने तक के लाले पड़ गए। बड़ी मुश्किल से एक पाकिस्तानी एजेंट के जरिये वह भारत लौट पाया। पीडि़त ने अब एजेंट के खिलाफ साढ़े तीन लाख की ठगी का मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज करवाया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ये दी रिपोर्ट
दुगोली निवासी संजय कुमार पुत्र हरफुल सिंह सांसी ने कोतवाली में रिपोर्ट देकर बताया कि कासली निवासी आरिफ ने घंटाघर के पास ऑफिस कर रखा है। रोजगार के सिलसिले में पिछले साल दो जून को उसकी आरिफ से मुलाकात हुई थी। उसने मलेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने की बात कहते हुए 1 लाख 80 हजार रुपए मांगे। इस पर 21 जून को पासपोर्ट के साथ उसने ये राशि उसे नगद दे दी। उसने पहले तो शाम को ही वीजा व टिकट ले जाने की बात कही लेकिन वापस उसके पास जाने पर उसने जयपुर एयरपोर्ट पर थाईलैण्ड का वीजा लगवाने की बात कही। उसने कहा कि थाईलैण्ड से उसका परिचित उसे मलेशिया भेज देगा। इस पर 22 जून को वीजा लेकर वह थाईलैंड चला गया। पर वहां उसे आरिफ का कोई एजेंट नहीं मिला। फोन पर सम्पर्क किया तो आरिफ के एजेन्ट ने उसे अवैध रूप से समुद्र के रास्ते मलेशिया भिजवा दिया। जहां भी उसे आरिफ का कोई परिचित नहीं मिला। संपर्क किया तो आरिफ ने फोन उठाना बंद कर दिया। रिपोर्ट में बताया कि इसके बाद वह 4 महीने तक वह वहां भिखारियों की तरह सड़क पर इधर- घूमता रहा। उसके खाने- पीने के भी लाले पड़ गए।
पाकिस्तानी एजेंट ने भिजवाया भारत
रिपोर्ट में संजय ने बताया कि मलेशिया से बड़ी मुश्किल से आरिफ से सम्पर्क हुआ तो उसने रुपए हड़पने के लिए जानबूझकर ये कारनामा करना कबूला। भारत लौटने के फिर इमरान व एक पाकिस्तानी एजेन्ट के लिए डेढ लाख रुपए मांगे। इस पर उसने जैसे- तैसे घर वालों से संपर्क कर डेढ लाख रुपये की व्यवस्था की। जो इमरान व पाकिस्तानी एजेंट को देने पर उन्होंने उसे वापस भारत भिजवाया। अक्टूबर महीने में वापस आकर उसने आरिफ से बात की तो उसने 10-15 दिन में रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि दुबारा चाचा के साथ गया तो जातिसूचक गालियां निकालने सहित जान से मारने की धमकी दी। रिपोर्ट में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।