
बैंकों में रविवार को साप्ताहिक बंदी के चलते रुपए निकालने का सारा भार एटीएम पर आ गया। यही वजह है कि सुबह से ही शहर के एटीएम के बाहर ग्राहकों की कतारें लगी रहीं। हालांकि एटीएम पहुंचने वाले लोगों को अधिकांश जगहों पर निराशा ही हाथ लगी और शहर के कुल 25 में से 90 फीसदी एटीएम खाली मिले। इस कारण लोग रुपए के लिए दिनभर एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काटते हुए दिखाई दिए। पैलेस रोड पर आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम के बाहर बंद होने का बोर्ड लटका मिला तो नया बस स्टैण्ड रोड पर इसी बैंक के एटीएम में कैश नहीं था। जेल रोड पर पीएनबी के एटीएम का शटर डाउन था। एचडीएफसी के एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे थे। ऐसे में लोगों को मायूस ही लौटना पड़ा। शाह जी की बाड़ी में सैन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में करीब एक बजे पैसे डाले गए जो जल्द ही खत्म हो गए। एसबीबीजे और एसबीआई के अधिकांश एटीएम से दो हजार के नोट ही निकले। ऐसे में फिर छुट्टे की समस्या आ गई। सरकार द्वारा नियमों में परिवर्तन कर भले ही बैंकों के बाहर लगने वाली लाइनों को कम किया जा रहा हो लेकिन बात अगर एटीएम की करें तो उनकी हालत अभी खराब है। शनिवार को नोट बदली बंद करने के बावजूद तमाम बैंक शाखाओं के एटीएम में पर्याप्त कैश नहीं डाला गया। ऐसे में छोटी रकम के लिए लोगों की समस्या अभी समाप्त नहीं हुई है। लोगों का मानना है कि एटीएम सुचारु होने तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाएगी। सम्पूर्णानन्द कॉलोनी में यूको बैंक के एटीएम से निराश लौट रहे छात्र रवि ने कहा कि पांच-छह एटीएम के चक्कर काट चुका हूं। किसी भी एटीएम में कैश नहीं है। घर खर्च के अलावा गाड़ी में पेट्रोल भरवाने तक के रुपए नहीं हैं।
इनका कहना है...
शनिवार को शहर के एटीएम में पैसे डाले गए थे। बैंकों में रविवार को अवकाश था। ऐसे में एटीएम मशीन से लोगों ने पैसे निकाल लिए। सोमवार को एटीएम में बैंक पुन: कैश डाल देंगे।
-मनोज कुमार, लीड बैंक अधिकारी, सिरोही
Published on:
21 Nov 2016 11:03 am
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