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एक छोटा—सा सिक्का आपको बना सकता है लखपति, जानें कैसे?

सिक्कों में इन निशानों का रखें ध्यान, मिलेगी अच्छी कीमत

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vintage coins

नई दिल्ली। अगर आप रातों—रात अमीर बनना चाहते हैं तो विंटेज सिक्कों का कलेक्शन बनाना शुरू कर दें। क्योंकि ये आपको पलक झपकते ही लखपति बना सकता है। दरअसल विंटेज सिक्कों की इन्डस्ट्री में बहुत मांग है। खासतौर पर विदेश में ये बहुत अच्छी कीमतों पर बिकते हैं। इसे आप आॅनलाइन वेबसाइट्स पर नीलाम भी कर सकते हैं।

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ये सिक्का है खास
सन् 1973 में बनाया गया 1 रुपए का सिक्का बहुत खास माना जाता है। इसे मुंबई मिंट में ढाला गया था। मुंबई मिंट भारत की सबसे पुरानी मिंट है। इसका निर्माण अंग्रेजों ने करवाया था। उस वक्त मुंबई शहर आर्थिक दृष्टि से बहुत उन्नतशील था। यहां बने सिक्‍कों की खासियत ये थी कि इन पर डायमंड शेप का एक डॉट लगा होता था। आज के समय में इतने पुराने 1 रुपए के सिक्के की कीमत करीब 3 लाख रुपए तक है।

पुराने सिक्कों की कीमत है ज्यादा
विंटेज सिक्कों की कीमत उनकी खासियत और सन् पर निर्भर करती है। यदि आपके पास काफी साल पुराना सिक्का है, जो किसी जमाने में बेहद मशहूर था, उसे बेचने पर आपको मुंह मांगे दाम मिल सकते हैं। ऐसे ही विंटेज सिक्को को बेचने वाले आंध्रप्रदेश के एक व्यापारी चंद्रशेखर ने सन् 1985 में बना हुआ एक रुपये का सिक्‍का बेचा था। जिसके बदले उसे 2 लाख रुपए मिले थे। उस सिक्के पर तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरागांधी की तस्‍वीर छपी थी। इस सिक्‍के को कोलकाता मिंट में बनाया गया था।

50 पैसे की भी है वैल्यू
हमारे जीवन में अब 50 पैसे की कोई कीमत नही है, लेकिन विटेंज कलेक्शन का शौक रखने वालों के लिए ये बेहद कीमती होते हैं। वे इसके लिए हजारों रुपए भी दे सकते हैं। मार्केट में इन दिनों 50 पैसे का एक विंटेज सिक्का 60 से 70 हजार रुपए में बिकता है। इसके अलावा 10 पैसे एवं 20 पैसे के पुराने सिक्कों पर भी 50 से 60 हजार रुपए मिल जाते हैं।

क्या होते हैं विंटेज सिक्के
विंटेज सिक्के वो पुराने कॉइन होते हैं जो कम से कम 100 साल पुराने हो। ये सोना,चांदी या अन्य किसी खास धातु में बने हुए हैं। इन पर खास चिहृ, आकृति एवं उसका सन् लिखा हुआ होता है। इससे सिक्का कितना पुराना इस बात का पता चलता है। इसके अलावा सिक्का किस देश में तैयार हुआ है, कीमत उस पर भी निर्भर करता है।

हर जगह की अलग छाप
भारत में सिक्के 4 जगह बनते हैं। इसमें कोलकाता, नोएडा, हैदराबाद और मुंबई शामिल है। हर शहर में छपे हुए सिक्के की अलग पहचान होती है। सिक्कों पर छपाई कंपनी अपना एक मार्क बनाती है। जैसे— नोएडा में बनें सिक्कों में लिखे गए वर्ष के नीचे एक छोटी—सी बिंदी लगाई जाती है। जबकि हैदराबाद में बने सिक्कों के सन् के नीचे स्टार बना होता है। मुंबई के सिक्कों में सन् के नीचे डायमंड बना होता है। कोलकाता में बनें सिक्कों पर कोई निशान नही होता है।