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Rajasthan: थाने में बेटी के सामने हाथ जोड़ता रहा पिता, वो तीन बच्चों और पति को छोड़ प्रेमी के साथ चली गई… फिर पिता ने…

Udaipur Crime News: करीब दो महीने पहले जमना अपने पति और बच्चों को छोड़कर गांव के ही एक अन्य युवक हरि सिंह के साथ चली गई और उससे विवाह कर लिया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Udaipur News: राजस्थान के उदयपुर जिले के चौहानवास गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सामाजिक मान्यताओं और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। एक पिता ने अपनी जीवित बेटी के रिश्तों को हमेशा के लिए दफन करते हुए उसे सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, बेटी की शोक पत्रिका छपवाकर पूरे समाज को मृत्यु भोज ,गौरणी.धूप भी कराया गया और उसे पैतृक संपत्ति से बेदखल कर दिया गया।

रिश्तों के कत्ल की पूरी कहानी

यह मामला चौहानवास निवासी रूप सिंह और उनकी पुत्री जमना कंवर से जुड़ा है। जमना का विवाह 10 साल पहले प्रभु सिंह के साथ हुआ था और उनके तीन मासूम बच्चे, उम्र 2 से 5.5 वर्ष हैं। करीब दो महीने पहले जमना अपने पति और बच्चों को छोड़कर गांव के ही एक अन्य युवक हरि सिंह के साथ चली गई और उससे विवाह कर लिया।

जब बच्चों को पहचानने से किया इनकार

पुलिस ने जब गुमशुदगी की रिपोर्ट पर जमना को दस्तयाब किया, तो थाने में जो मंजर दिखा उसने सबको स्तब्ध कर दिया। जमना ने अपने माता.पिता और अपने तीनों दुधमुंहे बच्चों को पहचानने तक से इनकार कर दिया। उसने स्पष्ट कह दिया कि वह अब अपने पुराने जीवन और परिवार के पास कभी वापस नहीं लौटना चाहती।

समाज की बैठक और कठोर निर्णय

बेटी के इस अडिग और कठोर फैसले ने पिता रूप सिंह को भीतर से तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि जिस दिन बेटी ने अपने बच्चों को ठुकराया, उसी दिन वह उनके लिए मर गई। इसके बाद वाकल राजपूत समाज की बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से जमना को सामाजिक रूप से मृत मानने का निर्णय लिया गया।

वायरल हुई शोक पत्रिका

परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ घर में शोक का माहौल बनाया गया और रिश्तेदारों को बाकायदा शोक संदेश पत्रिकाएं भेजी गईं। इस पत्रिका में भाव व्यक्त किया गया कि सामाजिक मर्यादाओं को तोड़ने के कारण अब जमना का परिवार से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर यह पत्रिका तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इसे पारिवारिक मूल्यों के पतन और पिता की विवशता के रूप में देख रहे हैं।