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हर मोर्चे पर जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं पूर्व सैनिक

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व सैनिकों को कोरोना जागरूकता संदेश गांव—ढाणी तक पहुंचाने और आम जनता को बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करने आह्वान किया, वहीं पूर्व सैनिकों ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से सरकारी गाइड लाइन्स की पालना करते हुए लोगों की सहायता तथा जिला प्रशासन का सहयोग किया था।

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हर मोर्चे पर जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं पूर्व सैनिक

हर मोर्चे पर जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं पूर्व सैनिक

पूर्व सैनिक गांव—ढाणी तक पहुंचाएं कोरोना जागरूकता संदेश: सीएम गहलोत
हर मोर्चे पर जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं पूर्व सैनिक
जयपुर, 7 जुलाई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व सैनिकों को कोरोना जागरूकता संदेश गांव—ढाणी तक पहुंचाने और आम जनता को बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करने आह्वान किया, वहीं पूर्व सैनिकों ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से सरकारी गाइड लाइन्स की पालना करते हुए लोगों की सहायता तथा जिला प्रशासन का सहयोग किया था। देश और समाज के लिए सदैव हर मोर्चे पर जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार को सीएम हाउस से वीडियो कांन्फ्रेंस जरिए पूर्व सैनिकाें से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी संकट के समय फौजी सबसे पहले आगे आते हैं। कोरोना संक्रमण से हमारी जंग में भी पूर्व सैनिकों ने वॉलेंटियर के रूप में आगे आकर मदद की है। संकट की इस घड़ी में पिछले तीन माह से डॉक्टर, नर्सेज, पुलिस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, ग्राम सचिव, पटवारी, प्रधान, सरपंच, वार्ड पंच, पार्षद एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही पूर्व सैनिकों ने भी आगे बढ़कर अपना योगदान दिया है इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं।

सीएम ने की लोगों से अपील
उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, आपस में दूरी बनाए रखें, मास्क पहनें एवं बार-बार हाथ धोने सहित हैल्थ प्रॉटोकोल की पूरी तरह से पालना करें। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए खुद का ख्याल खुद रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं उस प्रदेश का मुख्यमंत्री हूँ जहां घर-घर में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शहादत देने का जज्बा है। कारगिल युद्ध के समय प्रदेश के शहीद सैनिकों के मां-बाप ने गर्व से कहा था कि वे अपने दूसरे बेटे को भी सीमाओं की रक्षा के लिए भेजेंगे। देश के लिए त्याग एवं समर्पण की यह भावना राजस्थान के हर घर में दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि कि हमने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, सामाजिक संगठनों सहित हर वर्ग का सहयोग लेकर उनके अनुभवों को ध्यान में रखते हुए त्वरित फैसले लिए जिससे मृत्यु दर न्यूनतम रहने के साथ ही राजस्थान की रिकवरी रेट काफी बेहतर रही है।
इस दौरान चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश में आज हमारी क्षमता 41 हजार 450 टेस्ट प्रतिदिन हो गई है। जिला अस्पतालों के साथ ही पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैंं। प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि प्रदेश में 1 लाख 92 हजार से अधिक पूर्व सैनिक एवं अधिकारी हैं जो राज्य सरकार के कोरोना जागरूकता के संदेश को आमजन तक पहुंचाएंगे। वीसी में सैनिक कल्याण राज्य मंत्री अशोक चांदना ने सैनिक मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव सैनिक कल्याण आनन्द कुमार, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा,सैनिक कल्याण निदेशक, ब्रिगेडियर करण सिंह राठौड़ सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।