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‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’

असरानी ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1967 में प्रदर्शित फिल्म 'हरे कांच की चूडिय़ां' से की

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Jameel Ahmed Khan

Jan 01, 2017

Asrani

Asrani

मुंबई। बॉलीवुड में असरानी को एक ऐसे अभिनेता के तौर पर शुमार किया जाता है जिन्होंने अपने हास्य अभिनय से लगभग पांच दशक से सिने प्रेमियों को अपना दीवाना बनाया हुआ है। 1 जनवरी 1941 को जयपुर में जन्में गोवद्र्धन असरानी बचपन के दिनों से ही अभिनेता बनने का ख्वाब देखा करते थे। वर्ष 1963 में अभिनेता बनने का सपना लिए असरानी मुंबई आ गए जहां उनकी मुलाकात किशोर साहू और ऋषिकेष मुखर्जी जैसे फिल्मकारों से हुई जिनके कहने पर असरानी ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया, पुणे में दाखिला ले लिया।

पुणे फिल्म इंस्टीच्यूट से अभिनय की पढ़ाई पूरी करने के बाद असरानी मुंबई आ गए। असरानी ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1967 में प्रदर्शित फिल्म 'हरे कांच की चूडिय़ां' से की। इन सबके बीच असरानी ने कुछ गुजराती फिल्मों में भी काम किया। वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म 'मेरे अपने' के जरिए असरानी कुछ हद तक नोटिस किए गए। वर्ष 1973 में प्रदर्शित फिल्म 'अभिमान' के जरिए असरानी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए।

ऋषिकेष मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म अभिमान में असरानी ने अमिताभ बच्चन के दोस्त की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए असरानी सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित भी किए गए। वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म 'शोले' असरानी के सिने करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी फिल्म 'शोले' में असरानी ने एक जेलर की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में असरानी का बोला गया यह संवाद 'हम अंग्रेजो के जमाने के जेलर हैं' आज भी सिनेप्रेमी नहीं भूल पाए हैं।

वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म 'चला मुरारी हीरो बनने' के जरिए असरानी ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। इस फिल्म में असरानी ने मुख्य अभिनेता की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में असरानी के अपोजिट बिंदिया गोस्वामी थी। कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों ने बेहद पसंद किया था। 'चला मुरारी हीरो बनने' की सफलता के बाद असरानी ने 'सलाम मेम साब', 'हम नहीं सुधरेंगे', 'दिल ही तो है' और 'उड़ान' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।

असरानी को अपने सिने करियर में दो बार सर्वश्रेष्ठ हास्य कलाकार के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। असरानी ने अपने दौर के सभी दिग्गज कलकारो के साथ काम किया।

असरानी ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ 25 फिल्मों में काम किया। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी असरानी ने कई फिल्मों में काम किया। असरानी ने अपने सिने करियर में लगभग 400 फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया है। असरानी आज भी उसी जोशो खरोश के साथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।

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