पूर्वी ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि जो लोग मेरे और साराह की दोस्ती के बारे में जानते हैं, वह इस बात को असानी से समझ सकते हैं कि यह हमारे लिए कितना दिल दुखाने वाला है। मेरे सबसे अहम दिन पर मेरी सबसे अच्छी सहेली मेरे साथ नहीं होगी। इस वीजा के लिए महीनों से कागजी कार्रवाई, भीड़भाड़ में भटकना, दौडऩा, प्रार्थनाएं आदि करते हुए हमने कभी सोचा भी नहीं था कि यह रिजेक्ट हो जाएगा। वह लिखती हैं कि यह बहुत दुखद है कि हमने धर्म, राष्ट्रीयता या अपने इतिहास, यहां तक की क्रिकेट को भी कभी अपने बीच में नहीं आने दिया, लेकिन इस घटना ने हमें एहसास दिलाया कि हमें इन्हें बीच में लाना चाहिए था।