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देश में कोरोना की दूसरी लहर से सभी परेशान हैं। देश में रोजाना कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कई राज्यों से तो डराने वाले आकंड़े सामने आ रहे हैं। इसका प्रभाव हर क्षेत्र पर पड़ रहा है। कोरोना के प्रभाव से खेल क्षेत्र भी अछूता नहीं है। कई खिलाड़ी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसका असर टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के अध्यक्ष अदिले सुमारिवाला ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण टोक्यो ओलंपिक के लिए ट्रेनिंग करने की भारतीय एथलीटों की योजनाएं खत्म हो गई है। हालांकि, सुमारिवाला ने साथ ही कहा कि शीर्ष एथलीटों ने मार्च में फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान खुद को अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया है।
महामारी के कारण बाधित हुआ रोडमैप
सुमारिवाला का कहना है कि फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन ने आगे एक अच्छे सीजन की उम्मीद जगाई थी, लेकिन टोक्यो ओलंपिक के लिए एएफआई का रोड मैप भारत में महामारी के कारण बाधित हुआ है। भारतीयों के लिए कई यूरोपीय देशों द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के कारण शीर्ष एथलीटों के लिए विदेशों का दौरा करना असंभव हो गया है। इसने एथलीटों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजने के लिए चीजों को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया था।"
10 एथलिटों ने टोक्यो ओलंपिक के लिए हासिल किया कोटा
बता दें कि भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और शिवपाल सिंह सहित दस व्यक्तिगत एथलीटों ने टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया है। 2019 दोहा विश्व चैंपियनशिप में फाइनलिस्ट होने के कारण राष्ट्रीय मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने भी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
ट्रेनिंग के लिए सही जगह ढूंढना मुश्किल
एएफआई अध्यक्ष ने कहा कि इन चुनौतीपूर्ण समय में जब भारतीयों के लिए 15-दिन का क्वारंटीन नियमों वाले पटियाला और यूरोपीय देशों में गर्मी की गर्मी बढ़ रही है, तो ट्रेनिंग के लिए एक सही जगह ढूंढना मुश्किल है। एएफआई ओलंपिक के आगामी दिनों में यूरोप में प्रशिक्षित करने के लिए सबसे अच्छी जगह खोजने के लिए काम कर रहा है। बता दें कि टोक्यो ओलंपिक का आयोजन जुलाई-अगस्त में होना है।
Published on:
3 May 2021, 12:30 PM IST
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