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नाकों पर अपने नियम बनाकर लोगों को कर रहे परेशान

- गंगानगर के प्रवेश रास्तों पर किसान कर रहे दादागिरी

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- देशव्यापी आंदोलन का तीसरा दिन
- शहरवासियों से छीन रहे दूध-सब्जी
- प्रशासन की समाजकंटकों को खुली छूट
श्रीगंगानगर.

देशव्यापी किसान आंदोलन के जैसे-जैसे दिन बढ़ रहे हैं, प्रशासन की ढिलाई के चलते किसानों की दादागिरी भी बढ़ती जा रही है। आंदोलन की रुपरेखा तय नहीं होने के चलते नाकों पर खड़े किसान अपने ही नियम बना रहे हैं। हर नाके पर अलग तरह के नियमों से शहरवासी परेशान हो रहे हैं।

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रविवार को बनाए अपने ही नए नियमों के तहत करणपुर चुंगी नाके पर दो लीटर से ज्यादा दूध नहीं ले जाने दिया तो नाथांवाला नाके पर पॉलीथिन में दूध ले जाने पर रोक लगा दी। इसी तरह सब्जी की मात्रा भी निर्धारित कर दी। एक जना तीन से चार किलो की सब्जी घर के लिए ले जा सकता है इससे ज्यादा हुई तो किसान उसे जब्त कर अपने पास रख लेंगे।

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किसान संगठन प्रतिनिधि और कांग्रेसी नेता में तकरार
सूरतगढ़ रोड पर बाइपास पर आंदोलन के तहत लगाए नाके को रविवार सुबह आंदोलन को समर्थन दे रहे कांग्रेस नेता संभाल रहे थे। इसी दौरान गंगानगर किसान संघर्ष समिति प्रतिनिधि गैलेक्सी बराड़ ने आकर कांग्रेस नेता जगदीश जांदू पर आरोप लगाया कि आप नाके पर रोके गए वाहनों को निकाल रहे हो। एक बार दोनोंं में तनातनी की स्थिति बन गई, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।

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वहीं किसान संगठन प्रतिनिधि ने नाके पर दोधियों को दूध बेचने से रोक दिया। इसका कहना था कि किसान भले ही दो क्विंटल दूध यहां लाकर बेचे पर दोधियों को दूध नहीं बेचने देंगे। साथ ही इनको चेतावनी भी दी कि अगर आगे से आप दूध लेकर आओगे तो छीन लिया जाएगा।

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