
यूं तो मिल गया पानी...फिरोजपुर फीडर नहर की काया जर्जर
यूं तो मिल गया पानी...फिरोजपुर फीडर नहर की काया जर्जर
-फिरोजपुर फीडर (water) का जीर्णोद्धार होने पर मिलेगा गंगनहर को पूरा सिंचाई पानी
-एक्सक्लूसिव-- श्रीगंगानगर. पंजाब में हरिके बैराज से निकलने वाले फिरोजपुर फीडर की काया जर्जर हो चुकी है। इस नहर से गंगनहर को सिंचाई पानी की आपूर्ति होती है। नहर में 500 से अधिक जगह कहीं छोटे तो कहीं बड़े कट लगे हुए हैं। इस कारण फिरोजपुर फीडर (Firozpur) निर्धारित क्षमता के अनुसार सिंचाई पानी नहीं ले पा रही। इस नहर की क्षमता 6 हजार क्यूसेक की है लेकिन वर्तमान में 4800 से 5300 क्यूसेक सिंचाई पानी ही चलाया जा रहा है। बार-बार कटाव आने के कारण हरिके बैराज से नहर में पानी की मात्रा कम करनी पड़ती है। इसका सीधा प्रभाव श्रीगंगानगर (canal ) जिले की खेतीबाड़ी पर पड़ता है।
सिंचाई पानी पर्याप्त नहीं मिलने से इलाके की खेतीबाड़ी चौपट हो जाती है। बहुत बार तो फसलों की बुवाई तक नहीं हो पाती। कई बार पकी-पकाई फसलें सिंचाई पानी के अभाव में बर्बाद हो जाती है। इसका प्रभाव श्रीगंगानगर जिले के किसान,मजदूर,व्यापारी वर्ग पर सीधा पड़ता है। अच्छी फसल नहीं होने पर राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान भी होता है। इसी कारण विभिन्न किसान संगठन पंजाब में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण की मांग उठा रहे हैं।
--फीडर की पानी की कितनी क्षमता--फिरोजपुर फीडर नहर का निर्माण 1957-58 में हुआ था। इस नहर की आयु 50 साल की थी जो 10 साल पहले पूर्ण हो चुकी है। जिसके चलते इस नहर की लाइनिंग जगह-जगह से ध्वस्त हो चुकी है। राज्य सरकार ने राज्य की हिस्सा राशि 39 करोड़ रुपए पंजाब सरकार को पिछली बार दी थी।जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फिरोजपुर फीडर से गंगनहर और भाखड़ा को पानी देने के बदले में पंजाब ने इस नहर का रख-रखाव पर खर्च होने वाली राशि का हिस्सा तय कर दिया है। इसमें 0 से 55 आरडी तक 25 प्रतिशत और 55 से 168 आरडी के हिस्से का रख-रखाव पर 45 प्रतिशत राशि तय की गई है।
नहर में पानी की क्षमता घटी--जल संसाधन विभाग के ( rajasthan patrika news) अनुसार फिरोजपुर फीडर नहर में सिंचाई पानी की क्षमता 11 हजार 192 क्यूसेक थी और वर्तमान में10 हजार 700 क्यूसेक से कम रह चुकी है। इस कारण इलाके के किसानों को पूरा सिंचाई पानी
नहीं मिल रहा है। हरिके बैराज से फिरोजपुर फीडर निकलती है। इसमें पंजाब की सरहिंद फीडर, हरिहर जौख, गुरिद्धतावाला माइनर और 45 और (sriganganagar hindi news) मल्लेवाला हैड से गंगनगर में सिंचाई पानी मिलता है। हरिकेबैराज से 0 से 168 आरड़ी तक फिरोजपुर फीडर है। 168 आरडी पर बीकानेर कैनाल आती है।
--फीडर का रख-रखाव करवाना बहुत जरूरी कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के किसानों का मुख्य आधार खेतीबाड़ी है। इलाके में समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने पर नहरों में पर्याप्त सिंचाई पानी की बहुत ही आवश्कता होती है। जब नहर की हालत खस्ता बनी हुई है तो नहर में पर्याप्त सिंचाई पानी मिलता नहीं है। इसका प्रभाव फसलों पर पड़ता है। इलाके में पर्याप्त सिंचाई पानी के लिए फिरोपुर फीडर का रख-रखाव बहुत जरूरी है। जल संसाधन मंत्री व मुख्यमंत्री तक पत्र लिखकर फीडर रख-रखाव की मांग की है।
रामदेवी बावरी, कि सान नेता व महिला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष,रायसिंहनगर।
पंजाब सरकार नहीं चाहती निर्माण कार्य
फिरोजपुर फीडर का निर्माण कार्य होना बहुत जरूरी है। इसका पुनर्निर्माण या रख-रखाव नहीं होने से राज्य के हिस्से का पानी पाकिस्तान जा रहा है। पंजाब सरकार इस नहर के दुबारा निर्माण के लिए दिखावा ही करती है। वास्तव में तो पंजाब सरकार इस नहर का निर्माण कार्य करवाना नहीं चाहती।
सुभाष सहगल, एडवोकेट व प्रवक्ता, किसान संघर्ष समिति ।
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-फिरोजपुर फीडर की काया जर्जर हो चुकी है। इलाके के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए फीडर का जीर्णोद्धार बहुत जरूरी है। जब तक फीडर का निर्माण कार्य नहीं होगा। गंगनहर को सिंचाई पानी निर्धारित मात्रा में नहीं मिलेगा।
रणजीत सिंह राजू संयोजक,गंगानगर किसान समिति।
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-फिरोजपुर फीडर की हालत बहुत खराब है। हर बार नरमा-कपास की बुवाई के समय नहर की लाइनिंग व रख-रखाव के लिए बंदी ली जाती है लेकिन इस फीडर के रख-रखाव के नाम पर हर बार खानापूर्ति होती रही है। पिछले चार साल से इलाके के किसानों को पूरा सिंचाई पानी नहीं मिल रहा है।
-कालू थोरी, जिलाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा।
Published on:
24 Jul 2019 12:14 pm

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